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Mandi News: एक सप्ताह में लंबी दूरी की तीन बनें हांफीं
Sun, 23 Apr 2023 11:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 23 Apr 2023 11:55 PM IST
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जोगिंद्रनगर बस अड्डा में पालमपूर से शिमला जा रही परिवहन निगम की बस के रेडियेटर के तामपान बढ़ जा
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर से पठानकोट, अमृतसर, चंबा और मनाली के लिए दौड़ रही निगम की बसों के सप्ताह में तीन बस रूट फेल होने से व्यवस्था परिवर्तन के दावों की पोल खुल गई है।
कई घंटों के इंतजार के बाद यात्रियों को खस्ताहाल बसों में भेजकर इतिश्री की गई। इस अव्यवस्था को लेकर यात्रियों का गुस्सा चालकों और परिचालकों पर फूट रहा है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भी एचआरटीसी के हालात बदल नहीं पाए हैं। लंबी दूरी के रूट अभी भी दशकों पुरानी बसों के सहारे चल रहे हैं। आलम यह है कि दोपहर के बस रूटों के लिए निगम के बेड़े में बसें ही कम पड़ रही है।
रात्रिकालीन सेवाओं के लिए निगम की बसों के रूट अधर में हांफ रहे हैं। हैरत की बात है कि प्रदेश भर में 3500 बसों में से 1500 से अधिक बसें जीरो माइलेज पूरी कर चुकी हैं। करीब तीन सौ बसें ही अभी तक प्रदेश भर के डिपुओं में पहुंचने के दावे निगम के उच्चाधिकारियों की ओर से किए जा रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिक बसों की बात करें तो यह परियोजना भी अभी अधिकांश डिपुओं में सिरे नहीं चढ़ पाई है। प्रदेश के 12 जिलों के तीस डिपुओं में परिवहन निगम की इलेक्ट्रिक बसों की दौड़ाने की तैयारी है लेकिन अधिकांश डिपुओं में अभी चार्जिंग प्वाइंट ही नहीं हैं।
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केस वन : हिमाचल पथ परिवहन निगम के धर्मशाला डिविजन के अधीन आने वाली पठानकोट डिपो की रात्रिकालीन बस सेवा मनाली पठानकोट जोगिंद्रनगर में शनिवार को हांफ गई। इसमें सवार यात्रियों को करीब एक घंटा परेशानी झेलनी पड़ी। बस के गेयर बॉक्स और स्टेयरिंग में तकनीकी खामी के चलते बस डिपो जोगिंद्रनगर में इसे रोकना पड़ा।
केस टू: कांगड़ा के पालमपुर से शिमला जा रही परिवहन निगम की बस गत सप्ताह जोगिंद्रनगर में अचानक तापमान बढ़ने से खड़ी हो गई। चालक-परिचालक की सूझबूझ से हादसा टल गया। बस में आई तकनीकी खामी के चलते सफर के दौरान यात्रियों की भी सांसें फूली रहीं।
केस थ्री : बीते मंगलवार को रात्रिकालीन बस सुंदरनगर से करीब पांच बजे चंबा के लिए रवाना हुई। परिवहन निगम की एसी बस के उरला के पास चक्के जाम हो गए। इस बस में भी सवार करीब बीस यात्रियों को जोगिंद्रनगर बस डिपो की एक पुरानी बस में करीब तीन घंटे के बाद चंबा भेजना पड़ा। यात्री भूखे-प्यासे परिवहन निगम की अव्यवस्था के शिकार हुए।
क्या कहते हैं प्रबंधक
हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार का कहना है कि करीब तीन सौ बसों को शामिल करने के अलावा इलेक्ट्रिक बसों को भी हाईवे पर दौड़ाने का प्रारूप तैयार कर लिया है। धर्मशाला डिविजन के मंडलीय प्रबंधक राजकुमार जरियाल ने बताया कि तकनीकी खामी के चलते जहां पर बसें खराब हुई थी वहां पर तत्काल नजदीक के डिपो से बसों को उपलब्ध करवाकर यात्रियों को उनके गंतव्य की ओर भेजा गया।
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर से पठानकोट, अमृतसर, चंबा और मनाली के लिए दौड़ रही निगम की बसों के सप्ताह में तीन बस रूट फेल होने से व्यवस्था परिवर्तन के दावों की पोल खुल गई है।
कई घंटों के इंतजार के बाद यात्रियों को खस्ताहाल बसों में भेजकर इतिश्री की गई। इस अव्यवस्था को लेकर यात्रियों का गुस्सा चालकों और परिचालकों पर फूट रहा है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भी एचआरटीसी के हालात बदल नहीं पाए हैं। लंबी दूरी के रूट अभी भी दशकों पुरानी बसों के सहारे चल रहे हैं। आलम यह है कि दोपहर के बस रूटों के लिए निगम के बेड़े में बसें ही कम पड़ रही है।
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रात्रिकालीन सेवाओं के लिए निगम की बसों के रूट अधर में हांफ रहे हैं। हैरत की बात है कि प्रदेश भर में 3500 बसों में से 1500 से अधिक बसें जीरो माइलेज पूरी कर चुकी हैं। करीब तीन सौ बसें ही अभी तक प्रदेश भर के डिपुओं में पहुंचने के दावे निगम के उच्चाधिकारियों की ओर से किए जा रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिक बसों की बात करें तो यह परियोजना भी अभी अधिकांश डिपुओं में सिरे नहीं चढ़ पाई है। प्रदेश के 12 जिलों के तीस डिपुओं में परिवहन निगम की इलेक्ट्रिक बसों की दौड़ाने की तैयारी है लेकिन अधिकांश डिपुओं में अभी चार्जिंग प्वाइंट ही नहीं हैं।
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केस वन : हिमाचल पथ परिवहन निगम के धर्मशाला डिविजन के अधीन आने वाली पठानकोट डिपो की रात्रिकालीन बस सेवा मनाली पठानकोट जोगिंद्रनगर में शनिवार को हांफ गई। इसमें सवार यात्रियों को करीब एक घंटा परेशानी झेलनी पड़ी। बस के गेयर बॉक्स और स्टेयरिंग में तकनीकी खामी के चलते बस डिपो जोगिंद्रनगर में इसे रोकना पड़ा।
केस टू: कांगड़ा के पालमपुर से शिमला जा रही परिवहन निगम की बस गत सप्ताह जोगिंद्रनगर में अचानक तापमान बढ़ने से खड़ी हो गई। चालक-परिचालक की सूझबूझ से हादसा टल गया। बस में आई तकनीकी खामी के चलते सफर के दौरान यात्रियों की भी सांसें फूली रहीं।
केस थ्री : बीते मंगलवार को रात्रिकालीन बस सुंदरनगर से करीब पांच बजे चंबा के लिए रवाना हुई। परिवहन निगम की एसी बस के उरला के पास चक्के जाम हो गए। इस बस में भी सवार करीब बीस यात्रियों को जोगिंद्रनगर बस डिपो की एक पुरानी बस में करीब तीन घंटे के बाद चंबा भेजना पड़ा। यात्री भूखे-प्यासे परिवहन निगम की अव्यवस्था के शिकार हुए।
क्या कहते हैं प्रबंधक
हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार का कहना है कि करीब तीन सौ बसों को शामिल करने के अलावा इलेक्ट्रिक बसों को भी हाईवे पर दौड़ाने का प्रारूप तैयार कर लिया है। धर्मशाला डिविजन के मंडलीय प्रबंधक राजकुमार जरियाल ने बताया कि तकनीकी खामी के चलते जहां पर बसें खराब हुई थी वहां पर तत्काल नजदीक के डिपो से बसों को उपलब्ध करवाकर यात्रियों को उनके गंतव्य की ओर भेजा गया।

जोगिंद्रनगर बस अड्डा में पालमपूर से शिमला जा रही परिवहन निगम की बस के रेडियेटर के तामपान बढ़ जा