{"_id":"67ffac5a33026624a50cd932","slug":"the-presentations-of-womens-groups-added-cultural-colors-to-the-kisan-mela-mandi-news-c-90-1-mrt1064-153454-2025-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: किसान मेला में महिला मंडलों की प्रस्तुतियों ने बिखेरे सांस्कृतिक रंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: किसान मेला में महिला मंडलों की प्रस्तुतियों ने बिखेरे सांस्कृतिक रंग
Thu, 17 Apr 2025 06:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 17 Apr 2025 06:39 AM IST
विज्ञापन
पधर में आयोजित जिला स्तरीय किसान मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करती महिला मंडल की महिलाएं।
पधर (मंडी)। जिला स्तरीय किसान मेला पधर में बुधवार को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विभिन्न महिला मंडलों और स्कूली विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहीं। मेले का शुभारंभ खंड विकास अधिकारी पधर विनय चौहान ने बतौर मुख्यातिथि किया। मेला कमेटी के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।
पहले दिन के कार्यक्रम में कुल 10 महिला मंडलों बडवाहन (उरला), सरवाला, निचला पुंदल, नागण, महादेव तरेला, त्रिशक्ति महिला मंडल चेली, जागृति सुराहन, भू-भू, कोटरोपी (उरला) और शिव पधर ने मंच पर समूहगान, एकल गीत, नाटियों और लोक-नाटकों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का भरपूर मनोरंजन किया और पारंपरिक संस्कृति की छवि को सजीव किया। मेला कमेटी अध्यक्ष सुरजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि मेले में कुल 27 महिला मंडल भाग ले रहे हैं। 17 अप्रैल को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के उपरांत रस्साकशी सहित अन्य पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। संवाद
विज्ञापन
पहले दिन के कार्यक्रम में कुल 10 महिला मंडलों बडवाहन (उरला), सरवाला, निचला पुंदल, नागण, महादेव तरेला, त्रिशक्ति महिला मंडल चेली, जागृति सुराहन, भू-भू, कोटरोपी (उरला) और शिव पधर ने मंच पर समूहगान, एकल गीत, नाटियों और लोक-नाटकों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का भरपूर मनोरंजन किया और पारंपरिक संस्कृति की छवि को सजीव किया। मेला कमेटी अध्यक्ष सुरजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि मेले में कुल 27 महिला मंडल भाग ले रहे हैं। 17 अप्रैल को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के उपरांत रस्साकशी सहित अन्य पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। संवाद
विज्ञापन