{"_id":"6aaed91ac8de22d3450f7ad7","slug":"auto-rickshaw-drivers-up-in-arms-over-rapidos-operations-in-the-city-mandi-news-c-90-1-ssml1025-214022-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: शहर में रैपिडो के संचालन पर भड़के ऑटो चालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: शहर में रैपिडो के संचालन पर भड़के ऑटो चालक
विज्ञापन
उपायुक्त कार्यालय मंडी परिसर में ज्ञापन देने से पूर्व रणनीति बनाते ऑटो रिक्शा चालक यूनियन के पद
बिना अनुमति चल रहे दोपहिया व्यावसायिक वाहनों पर तुरंत कार्रवाई की मांग
नियमों की अनदेखी से ऑटो चालकों की रोजी-रोटी पर मंडराया संकट : ऑटो यूनियन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। शहर में रैपिडो एप के माध्यम से अवैध रूप से सवारियों को ढोने का मामला तूल पकड़ने लगा है। इसके विरोध में शनिवार को ऑटो रिक्शा चालक यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन से मुलाकात की और उन्हें अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
यूनियन का आरोप है कि शहर में बिना परिवहन निगम की अनुमति और व्यावसायिक लाइसेंस के दोपहिया वाहनों का व्यावसायिक संचालन बेखौफ किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर परिवहन नियमों का उल्लंघन है। ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान कमलेश शर्मा और उप प्रधान जोगिंद्र कुमार ने बताया कि इस संदर्भ में पहले भी पुलिस अधीक्षक तथा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) से शिकायत की जा चुकी है।
कहा कि आरटीओ ने त्वरित संज्ञान लेकर अवैध वाहनों के चालान काट कर स्पष्ट किया था कि मंडी शहर में ऐसी किसी भी एप-आधारित दोपहिया व्यावसायिक सेवा को अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद शहर में दोबारा इस एप के जरिए अवैध संचालन शुरू हो गया है।
विज्ञापन
यूनियन पदाधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि नियमपूर्वक टैक्स और परमिट शुल्क चुकाकर अपनी आजीविका चलाने वाले ऑटो रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी पर इस अवैध सेवा के कारण गहरा संकट पैदा हो गया है। इससे न केवल स्थानीय चालकों का नुकसान हो रहा है, बल्कि सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही है। यूनियन ने उपायुक्त से मांग की है कि अवैध रूप से ऐप संचालित करने वाले लोगों और बाइक चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
नियमों की अनदेखी से ऑटो चालकों की रोजी-रोटी पर मंडराया संकट : ऑटो यूनियन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। शहर में रैपिडो एप के माध्यम से अवैध रूप से सवारियों को ढोने का मामला तूल पकड़ने लगा है। इसके विरोध में शनिवार को ऑटो रिक्शा चालक यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन से मुलाकात की और उन्हें अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
यूनियन का आरोप है कि शहर में बिना परिवहन निगम की अनुमति और व्यावसायिक लाइसेंस के दोपहिया वाहनों का व्यावसायिक संचालन बेखौफ किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर परिवहन नियमों का उल्लंघन है। ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान कमलेश शर्मा और उप प्रधान जोगिंद्र कुमार ने बताया कि इस संदर्भ में पहले भी पुलिस अधीक्षक तथा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) से शिकायत की जा चुकी है।
विज्ञापन
कहा कि आरटीओ ने त्वरित संज्ञान लेकर अवैध वाहनों के चालान काट कर स्पष्ट किया था कि मंडी शहर में ऐसी किसी भी एप-आधारित दोपहिया व्यावसायिक सेवा को अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद शहर में दोबारा इस एप के जरिए अवैध संचालन शुरू हो गया है।
विज्ञापन
यूनियन पदाधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि नियमपूर्वक टैक्स और परमिट शुल्क चुकाकर अपनी आजीविका चलाने वाले ऑटो रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी पर इस अवैध सेवा के कारण गहरा संकट पैदा हो गया है। इससे न केवल स्थानीय चालकों का नुकसान हो रहा है, बल्कि सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही है। यूनियन ने उपायुक्त से मांग की है कि अवैध रूप से ऐप संचालित करने वाले लोगों और बाइक चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।