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नेरचौक कोविड मेकशिफ्ट अस्पताल में शुरू होंगी सुपर स्पैशियलिटी सेवाएं: सीएम
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मंडी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी कम होने के बाद अब नेरचौक मेकशिफ्ट कोविड अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी सेवाएं प्रदान करने के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सकों के 500 पद भरने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार प्रशिक्षु चिकित्सकों के स्टाईपंड को बढ़ाने पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि नेरचौक मेडिकल कालेज में विद्यार्थियों के लिए खेल के मैदान के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सकों के रिक्त पद भरने के लिए कदम उठाए जाएंगे। छोटा प्रदेश होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश में केवल सरकारी क्षेत्र में ही छह चिकित्सा महाविद्यालय हैं। वे नेरचौक स्थित लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में आइरिस-2022 के समापन समारोह के दौरान बोल रहे थे। कहा कि इस महाविद्यालय एवं अस्पताल का मकसद उच्च क्षमता, समर्पित तथा संवेदनशील चिकित्सकों के माध्यम से उच्च गुणात्मक शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। यह महाविद्यालय मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और बिलासपुर जिलों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महाविद्यालय में 23 विभाग कार्यशील हैं । अन्य विभागों की स्थापना के लिए प्रक्रिया जारी है। महाविद्यालय में प्रतिवर्ष 120 सीटों की क्षमता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महाविद्यालय की पत्रिका एसक्लेपियस का विमोचन किया। उन्होंने विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रक्तदान शपथ भी दिलवाई। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा उन्हें महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस मौके पर महाविद्यालय के एससीए के अध्यक्ष सचिन ग्रेवाल, सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल, बल्ह के विधायक इंदर सिंह गांधी, मिल्कफेड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सकों के 500 पद भरने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार प्रशिक्षु चिकित्सकों के स्टाईपंड को बढ़ाने पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि नेरचौक मेडिकल कालेज में विद्यार्थियों के लिए खेल के मैदान के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सकों के रिक्त पद भरने के लिए कदम उठाए जाएंगे। छोटा प्रदेश होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश में केवल सरकारी क्षेत्र में ही छह चिकित्सा महाविद्यालय हैं। वे नेरचौक स्थित लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में आइरिस-2022 के समापन समारोह के दौरान बोल रहे थे। कहा कि इस महाविद्यालय एवं अस्पताल का मकसद उच्च क्षमता, समर्पित तथा संवेदनशील चिकित्सकों के माध्यम से उच्च गुणात्मक शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। यह महाविद्यालय मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और बिलासपुर जिलों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महाविद्यालय में 23 विभाग कार्यशील हैं । अन्य विभागों की स्थापना के लिए प्रक्रिया जारी है। महाविद्यालय में प्रतिवर्ष 120 सीटों की क्षमता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महाविद्यालय की पत्रिका एसक्लेपियस का विमोचन किया। उन्होंने विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रक्तदान शपथ भी दिलवाई। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा उन्हें महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस मौके पर महाविद्यालय के एससीए के अध्यक्ष सचिन ग्रेवाल, सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल, बल्ह के विधायक इंदर सिंह गांधी, मिल्कफेड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
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