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Mandi News: सड़क हादसे में घायल छात्र को मिलेगा 50,633 रुपये मुआवजा
Thu, 19 Feb 2026 08:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 19 Feb 2026 08:04 AM IST
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मंडी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मंडी ने वर्ष 2024 में चैलचौक में हुए एक सड़क हादसे के पीड़ित छात्र को 50,633 रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश जारी किया है। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना टेंपो चालक की लापरवाही के कारण हुई थी, अतः बीमा कंपनी को 45 दिनों के भीतर 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित यह राशि जमा करनी होगी।
मामले के तथ्यों के अनुसार 29 जून 2024 को चैलचौक में एक तेज रफ्तार टेंपो ने छात्र चिराग को टक्कर मार दी थी। इस हादसे के बाद घायल छात्र को नौ जुलाई तक अस्पताल में उपचाराधीन रहना पड़ा था। घटना के संबंध में 30 जून 2024 को पुलिस थाना गोहर में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि याचिकाकर्ता ने 30 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की थी, लेकिन न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर उपचार व्यय और अन्य मदों में राहत राशि निर्धारित की है।
अधिकरण ने वाहन मालिक और चालक के उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें दुर्घटना के लिए किसी अन्य वाहन को जिम्मेदार ठहराया गया था। अदालत ने पाया कि दुर्घटना के समय वाहन बीमित था और बीमा कंपनी शर्तों के उल्लंघन का कोई ठोस प्रमाण नहीं दे सकी। अधिकरण ने उपचार, विशेष आहार और कष्ट के मुआवजे के रूप में निर्धारित राशि पर याचिका दायर करने की तिथि से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के भी निर्देश दिए हैं।
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मामले के तथ्यों के अनुसार 29 जून 2024 को चैलचौक में एक तेज रफ्तार टेंपो ने छात्र चिराग को टक्कर मार दी थी। इस हादसे के बाद घायल छात्र को नौ जुलाई तक अस्पताल में उपचाराधीन रहना पड़ा था। घटना के संबंध में 30 जून 2024 को पुलिस थाना गोहर में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि याचिकाकर्ता ने 30 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की थी, लेकिन न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर उपचार व्यय और अन्य मदों में राहत राशि निर्धारित की है।
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अधिकरण ने वाहन मालिक और चालक के उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें दुर्घटना के लिए किसी अन्य वाहन को जिम्मेदार ठहराया गया था। अदालत ने पाया कि दुर्घटना के समय वाहन बीमित था और बीमा कंपनी शर्तों के उल्लंघन का कोई ठोस प्रमाण नहीं दे सकी। अधिकरण ने उपचार, विशेष आहार और कष्ट के मुआवजे के रूप में निर्धारित राशि पर याचिका दायर करने की तिथि से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के भी निर्देश दिए हैं।
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