{"_id":"61476afa8ebc3ea80418481c","slug":"sit-took-dump-data-in-jyoti-case-to-shimla-mandi-news-sml384439048","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्योति केस में डंप डाटा शिमला ले गई एसआईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्योति केस में डंप डाटा शिमला ले गई एसआईटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर में ज्योति की संदिग्ध मौत मामले में सीआईडी की एसआईटी डंप डाटा और फोन कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड लेकर शिमला चली गई है। यहां पुलिस साइबर सेल में जुटाए गए डाटा की जांच की जाएगी।
एसआईटी की तीन टीमों ने घटनास्थल वाले जंगल के आस पास सक्रिय फोन का डाटा उठाया है। यह पता लगाया जाएगा कि घटना के दिन यहां कौन-कौन से मोबाइल सक्रिय थे। जोगिंद्रनगर में मौजूद दो टीमों ने रविवार सुबह से देर रात तक पुलिस से हासिल रिकार्ड को खंगाला।
हराबाग के नकेहड़ गांव की 23 साल की ज्योति की संदिग्ध मौत मामले को जल्द सुलझाने के लिए एसआईटी में करीब 15 कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं।
इनमें सीआईडी क्राइम पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कालिया, डीएसपी मुकेश, सुशांत के नेतृत्व में तीन टीमों ने मोर्चा संभालते हुए फिजिकल, डिजिटल और साइंटिफिक जांच के आधार पर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। सीआईडी की एसआईटी के प्रमुख ने बताया कि जांच देरी से हाथ लगने के कारण चुनौतियों भी पेश आ रही हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
एसआईटी की तीन टीमों ने घटनास्थल वाले जंगल के आस पास सक्रिय फोन का डाटा उठाया है। यह पता लगाया जाएगा कि घटना के दिन यहां कौन-कौन से मोबाइल सक्रिय थे। जोगिंद्रनगर में मौजूद दो टीमों ने रविवार सुबह से देर रात तक पुलिस से हासिल रिकार्ड को खंगाला।
विज्ञापन
हराबाग के नकेहड़ गांव की 23 साल की ज्योति की संदिग्ध मौत मामले को जल्द सुलझाने के लिए एसआईटी में करीब 15 कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं।
इनमें सीआईडी क्राइम पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कालिया, डीएसपी मुकेश, सुशांत के नेतृत्व में तीन टीमों ने मोर्चा संभालते हुए फिजिकल, डिजिटल और साइंटिफिक जांच के आधार पर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। सीआईडी की एसआईटी के प्रमुख ने बताया कि जांच देरी से हाथ लगने के कारण चुनौतियों भी पेश आ रही हैं। संवाद
विज्ञापन