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Mandi News: सिल्ट निकासी बंद होने से डडौर, नेरचौक के कई घरों के अस्तित्व पर संकट
Thu, 08 Jan 2026 06:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 08 Jan 2026 06:37 AM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। बल्ह विधानसभा क्षेत्र के डडौर और नेरचौक क्षेत्र में सुकेती खड्ड के कारण हो रहे भू-कटाव और सिल्ट की समस्या ने अब विकराल रूप ले लिया है। स्थानीय विधायक इंद्र सिंह गांधी की अगुवाई में लोगों ने बुधवार को ब्यास-सतलुज लिंक परियोजना के डिप्टी चीफ इंजीनियर कश्मीर सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बीबीएमबी प्रबंधन को प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।
नगर परिषद नेरचौक के वार्ड नंबर-9 (डडौर) के लोगों का कहना है कि आजकल सुकेती खड्ड से सिल्ट निकासी बंद हो गई है। पिछले 12 से 15 वर्षों से भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की ओर से डोजर और लोडर के माध्यम से सुकेती खड्ड से नियमित रूप से सिल्ट निकाली जाती थी, जिससे पानी का बहाव सही रहता था लेकिन अब यह प्रक्रिया बंद कर दी है। इससे खड्ड का जल स्तर बढ़ गया है।
खड्ड के बढ़ते जल स्तर और कटाव के कारण कबाड़ मार्केट के करीब 25 से 30 रिहायशी मकानों और दुकानों को खतरा पैदा हो गया है। व्यापारिक गतिविधियां और रोजगार भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बीबीएमबी की ओर से पहले भू-कटाव रोकने के लिए क्रेटवॉल लगाई जाती थी, जो अब बंद कर दी गई है। पुरानी दीवारें बह चुकी हैं, जिसके परिणाम स्वरूप लगभग 50 से 60 बीघा खेती योग्य भूमि खड्ड में समा चुकी है। सिल्ट न निकालने का खामियाजा लोगों को साल 2023 में बरसात के दौरान भुगतना पड़ा था। स्थिति इतनी भयावह हो गई थी कि लोगों को अपने घर छोड़कर किराये के मकानों में शरण लेनी पड़ी।
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इस विषय को लेकर पहले भी कई बार लिखित रूप में अवगत करवाया गया है लेकिन बीबीएमबी की ओर से कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया। भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड को तुरंत आवश्यक निर्देश देने का आग्रह है। डडौर के कबाड़ मार्केट के पास जल्द से जल्द सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाए ताकि भविष्य में जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
-इंद्र सिंह गांधी, विधायक बल्ह विधानसभा क्षेत्र
यह मामला बीबीएमबी के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी के ध्यानार्थ है। जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके तहत कार्रवाई की जाएगी।
-केएस ठाकुर, डिप्टी चीफ इंजीनियर बीएसएल परियोजना सुंदरनगर
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नगर परिषद नेरचौक के वार्ड नंबर-9 (डडौर) के लोगों का कहना है कि आजकल सुकेती खड्ड से सिल्ट निकासी बंद हो गई है। पिछले 12 से 15 वर्षों से भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की ओर से डोजर और लोडर के माध्यम से सुकेती खड्ड से नियमित रूप से सिल्ट निकाली जाती थी, जिससे पानी का बहाव सही रहता था लेकिन अब यह प्रक्रिया बंद कर दी है। इससे खड्ड का जल स्तर बढ़ गया है।
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खड्ड के बढ़ते जल स्तर और कटाव के कारण कबाड़ मार्केट के करीब 25 से 30 रिहायशी मकानों और दुकानों को खतरा पैदा हो गया है। व्यापारिक गतिविधियां और रोजगार भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बीबीएमबी की ओर से पहले भू-कटाव रोकने के लिए क्रेटवॉल लगाई जाती थी, जो अब बंद कर दी गई है। पुरानी दीवारें बह चुकी हैं, जिसके परिणाम स्वरूप लगभग 50 से 60 बीघा खेती योग्य भूमि खड्ड में समा चुकी है। सिल्ट न निकालने का खामियाजा लोगों को साल 2023 में बरसात के दौरान भुगतना पड़ा था। स्थिति इतनी भयावह हो गई थी कि लोगों को अपने घर छोड़कर किराये के मकानों में शरण लेनी पड़ी।
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इस विषय को लेकर पहले भी कई बार लिखित रूप में अवगत करवाया गया है लेकिन बीबीएमबी की ओर से कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया। भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड को तुरंत आवश्यक निर्देश देने का आग्रह है। डडौर के कबाड़ मार्केट के पास जल्द से जल्द सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाए ताकि भविष्य में जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
-इंद्र सिंह गांधी, विधायक बल्ह विधानसभा क्षेत्र
यह मामला बीबीएमबी के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी के ध्यानार्थ है। जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके तहत कार्रवाई की जाएगी।
-केएस ठाकुर, डिप्टी चीफ इंजीनियर बीएसएल परियोजना सुंदरनगर
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