{"_id":"61d870e97247016ab31829f6","slug":"seven-years-rigorous-imprisonment-for-smuggler-hiding-charas-in-a-box-of-ghee-mandi-news-sml3960185195","type":"story","status":"publish","title_hn":"देसी घी के डिब्बे में चरस छिपाने वाले तस्कर को सात साल कठोर कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देसी घी के डिब्बे में चरस छिपाने वाले तस्कर को सात साल कठोर कारावास की सजा
विज्ञापन
मंडी। चरस तस्करी के दोषी को अदालत ने सात साल के कठोर कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। दोषी के निश्चित अवधि में जुर्माना राशि अदा न करने पर उसे 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।
जिला की विशेष अदालत-1 ने कुल्लू जिला के कलाईधार (बंजार) निवासी बृजमोहन के खिलाफ अभियोग साबित होने पर उसे उक्त सजा सुनाई। जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि औट थाना पुलिस का दल 4 जनवरी 2015 को उपनिरीक्षक मोहर सिंह की अगुवाई में ट्रैफिक चेकिंग के लिए खोतीनाला के पास तैनात था।
इसी दौरान हणोगी से मंडी की ओर आ रही एक कार को चेकिंग के लिए रोका गया तो ड्राइवर सीट के साथ वाली सीट पर बैठे बृजमोहन के कब्जे से एक बैग में घी का डिब्बा बरामद हुआ। पुलिस ने जब घी के डिब्बे की जांच की तो उसमें प्लास्टिक के लिफाफे में 700 ग्राम चरस बरामद हुई।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले को साबित करने के लिए 12 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए गए। अब अदालत ने दोषी को उक्त सजा का फैसला सुनाया है। संवाद
विज्ञापन
जिला की विशेष अदालत-1 ने कुल्लू जिला के कलाईधार (बंजार) निवासी बृजमोहन के खिलाफ अभियोग साबित होने पर उसे उक्त सजा सुनाई। जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि औट थाना पुलिस का दल 4 जनवरी 2015 को उपनिरीक्षक मोहर सिंह की अगुवाई में ट्रैफिक चेकिंग के लिए खोतीनाला के पास तैनात था।
विज्ञापन
इसी दौरान हणोगी से मंडी की ओर आ रही एक कार को चेकिंग के लिए रोका गया तो ड्राइवर सीट के साथ वाली सीट पर बैठे बृजमोहन के कब्जे से एक बैग में घी का डिब्बा बरामद हुआ। पुलिस ने जब घी के डिब्बे की जांच की तो उसमें प्लास्टिक के लिफाफे में 700 ग्राम चरस बरामद हुई।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले को साबित करने के लिए 12 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए गए। अब अदालत ने दोषी को उक्त सजा का फैसला सुनाया है। संवाद