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Mandi News: मलबे का चपा-चपा छान मारा, नहीं लगा हरदेव का सुराग
Thu, 08 Aug 2024 07:11 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 08 Aug 2024 07:11 PM IST
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हरदेव को ढूंढने के लिए गांव के नीचे नाले से उहल नदी तक चलाया जाएगा खोज अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। चौहारघाटी के राजबन गांव में चलाए गए सर्च अभियान के दौरान लापता हरदेव सिंह को ढूंढने में चपा-चपा छान मारा, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। मलबे में दबे 10 लोगों में से 9 के शव बरामद हो चुके हैं। अभियान को चलाए वीरवार को 9 दिन पूरे हो गए हैं। शुक्रवार को रेस्क्यू टीम हरदेव को ढूंढने के लिए गांव के नीचे नाले से उहल नदी तक खोज अभियान चलाएगी।
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन शुक्रवार को रेस्क्यू टीम से पूरा ब्योरा लेकर खोज अभियान को बंद भी कर सकते हैं। हरदेव के भाई प्रकाश चंद ने कहा कि वे नौ दिनों से टीम के साथ गांव में डटे हैं। प्रशासन से आग्रह करने पर राजबन गांव का पूरा मलबा छान मारा। खोजी कुत्तों की भी मदद ली गई। परिवार के आग्रह करने पर उहल नदी तक सर्च अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शव को ढूंढने के लिए प्रशासन ने भरसक प्रयास किए हैं।
एसडीएम पधर भावना वर्मा स्वयं नौ दिन से मौके पर हैं। उन्होंने परिजनों से भी बात की। उन्होंने कहा कि हरदेव का शव नहीं मिलने से यही अनुमान लगाया जा रहा है कि वह कहीं नाले में तो नहीं बह गया हो। घटना की रात को वह घर की ऊपरी मंजिल में सोया हुआ था। राजबन गांव में हरदेव अपनी पत्नी गीता देवी के मामा के घर में मेहमान ठहरा था। घटना की रात को वह जाग गया था और परिवार के लोगों के बचाव में लगा हुआ था। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल सका। हरदेव की पत्नी गीता देवी और उसके दो छोटे-छोटे बच्चे धरयाण गांव में अपने घर पर थे। हरदेव घटना वाले दिन मनाली लौट रहा था। अन्य साथी के साथ जाने के चलते वह राजबन गांव में रुका था। राजबन हादसे में घायल राम सिंह टांडा मेडिकल कॉलेज में दाखिल है। उसकी पसल की हड्डी टूट गई है। बुधवार को उसका सफल ऑपरेशन हुआ। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर राम सिंह का कुशलक्षेम पूछने टांडा मेडिकल काॅलेज गए। उन्होंने राम सिंह के उपचार को लेकर डाॅक्टरों से भी बात की। उन्होंने अपनी ओर से राम सिंह के उपचार के लिए पांच हजार की राशि दी। हादसे में अन्य घायल मोहन सिंह नेरचौक मेडिकल काॅलेज से स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद घर लौट गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। चौहारघाटी के राजबन गांव में चलाए गए सर्च अभियान के दौरान लापता हरदेव सिंह को ढूंढने में चपा-चपा छान मारा, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। मलबे में दबे 10 लोगों में से 9 के शव बरामद हो चुके हैं। अभियान को चलाए वीरवार को 9 दिन पूरे हो गए हैं। शुक्रवार को रेस्क्यू टीम हरदेव को ढूंढने के लिए गांव के नीचे नाले से उहल नदी तक खोज अभियान चलाएगी।
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन शुक्रवार को रेस्क्यू टीम से पूरा ब्योरा लेकर खोज अभियान को बंद भी कर सकते हैं। हरदेव के भाई प्रकाश चंद ने कहा कि वे नौ दिनों से टीम के साथ गांव में डटे हैं। प्रशासन से आग्रह करने पर राजबन गांव का पूरा मलबा छान मारा। खोजी कुत्तों की भी मदद ली गई। परिवार के आग्रह करने पर उहल नदी तक सर्च अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शव को ढूंढने के लिए प्रशासन ने भरसक प्रयास किए हैं।
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एसडीएम पधर भावना वर्मा स्वयं नौ दिन से मौके पर हैं। उन्होंने परिजनों से भी बात की। उन्होंने कहा कि हरदेव का शव नहीं मिलने से यही अनुमान लगाया जा रहा है कि वह कहीं नाले में तो नहीं बह गया हो। घटना की रात को वह घर की ऊपरी मंजिल में सोया हुआ था। राजबन गांव में हरदेव अपनी पत्नी गीता देवी के मामा के घर में मेहमान ठहरा था। घटना की रात को वह जाग गया था और परिवार के लोगों के बचाव में लगा हुआ था। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल सका। हरदेव की पत्नी गीता देवी और उसके दो छोटे-छोटे बच्चे धरयाण गांव में अपने घर पर थे। हरदेव घटना वाले दिन मनाली लौट रहा था। अन्य साथी के साथ जाने के चलते वह राजबन गांव में रुका था। राजबन हादसे में घायल राम सिंह टांडा मेडिकल कॉलेज में दाखिल है। उसकी पसल की हड्डी टूट गई है। बुधवार को उसका सफल ऑपरेशन हुआ। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर राम सिंह का कुशलक्षेम पूछने टांडा मेडिकल काॅलेज गए। उन्होंने राम सिंह के उपचार को लेकर डाॅक्टरों से भी बात की। उन्होंने अपनी ओर से राम सिंह के उपचार के लिए पांच हजार की राशि दी। हादसे में अन्य घायल मोहन सिंह नेरचौक मेडिकल काॅलेज से स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद घर लौट गया है।
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