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विस में 85वें संविधान संशोधन पर चर्चा न होने से बढ़ा आक्रोश
मंडी
Updated Sat, 24 Dec 2016 10:28 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
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सुंदरनगर (मंडी)। सरकार के अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के कर्मचारियों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये को लेकर अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ भड़क गया है। कहा कि सरकार अपनी कामयाबी के चार साल का जश्न मना रही है, जबकि इस वर्ग की संविधान संशोधन को लागू करने की दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है। शनिवार को संघ के प्रदेश एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दर्शन लाल ने सरकार के इस वर्ग के प्रति लगातार उपेक्षापूर्ण रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ग की 85वें संविधान संशोधन की प्रमुख मांग को लेकर प्रदेश की सरकार ने लगातार छल किया है। वर्तमान में तपोवन में भी इस बार इस मामले में कोई चर्चा नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंबे अरसे से 85वें संविधान संशोधन व बैकलॉग को लेकर तमाम सरकारें इस वर्ग का राजनीतिक प्रयोग करके लगातार शोषण करती रही हैं। जिसके कारण प्रदेश में इस वर्ग से संबंधित कर्मचारी पदोन्नतियों में पिछड़ते जा रहे हैं। हालांकि यह वर्ग हमेशा कांग्रेस दल का पक्षधर रहा है और आज भी प्रदेश सरकार में इस वर्ग के13 विधायक चुन कर गए है। इसके बावजूद इस वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी लगातार हो रही है। विधानसभा के संपन्न सत्र में 85वें संविधान संशोधन और बैकलॉग की चर्चा तक नहीं हो पाना, सरकार की ओर से इस वर्ग को हाशिए पर धकेलने की नीति को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश भर के इस वर्ग के तमाम कर्मचारियों से उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है।
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उन्होंने कहा कि इस वर्ग की 85वें संविधान संशोधन की प्रमुख मांग को लेकर प्रदेश की सरकार ने लगातार छल किया है। वर्तमान में तपोवन में भी इस बार इस मामले में कोई चर्चा नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंबे अरसे से 85वें संविधान संशोधन व बैकलॉग को लेकर तमाम सरकारें इस वर्ग का राजनीतिक प्रयोग करके लगातार शोषण करती रही हैं। जिसके कारण प्रदेश में इस वर्ग से संबंधित कर्मचारी पदोन्नतियों में पिछड़ते जा रहे हैं। हालांकि यह वर्ग हमेशा कांग्रेस दल का पक्षधर रहा है और आज भी प्रदेश सरकार में इस वर्ग के13 विधायक चुन कर गए है। इसके बावजूद इस वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी लगातार हो रही है। विधानसभा के संपन्न सत्र में 85वें संविधान संशोधन और बैकलॉग की चर्चा तक नहीं हो पाना, सरकार की ओर से इस वर्ग को हाशिए पर धकेलने की नीति को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश भर के इस वर्ग के तमाम कर्मचारियों से उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है।
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