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Mandi News: रियासतें खत्म, परंपराएं आज भी बकरार
Sun, 10 Mar 2024 05:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 10 Mar 2024 05:16 AM IST
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मंडी। देश के आजाद होने के साथ ही राजाओं का शासन भी खत्म हो गया है। इसी के साथ रियासतें मिलकर एक राज्य यानी हिमाचल के रूप में सामने आई। भले ही रियासतें अब खत्म हो गई हों, लेकिन सांस्कृतिक राजधानी मंडी में रियासतकालीन परंपराएं आज भी कायम हैं। इन परंपराओं की झलक यहां मनाए जाने वाले मेलों और त्योहारों में साफ देखने को मिलती है।
आज भी सुकेत या किसी दूसरी रियासत के देवी-देवता एक-दूसरे की रियासत में मनाए जाने वाले मेलों में शिरकत नहीं करते हैं। हालांकि इस बार कुल्लू दशहरा में शिरकत करने वाले दो देवता खुडीजल और अनंत बालू नाग मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करने आ रहे हैं। दोनों ही देवता कुल्लू जिले से संबंध रखते हैं, लेकिन मंडी जिले से इनका पुराना संबंध रहा है। देवता खुडीजल का मंडी में मूल स्थान है तो देवता बालू नाग की हारियान मंडी में भी है। ऐसे में देवलू देव आदेश पर उन्हें मंडी महाशिवरात्रि के लिए ला रहे हैं।
सर्वदेवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा का कहना है कि दूसरी रियासत के देवताओं के मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव में आने को लेकर भी कोई लिखित तथ्य मौजूद नहीं है, लेकिन अब रियासत जैसा कुछ नहीं है। मंडी में देवताओं के बैठने की जगह कम है। बस यही एक दिक्कत है। कुल्लू जिले से आ रहे देवताओं की सूचना मिली है। समिति अपने स्तर पर उनकी हरसंभव मदद करने के लिए तत्पर रहेगी।
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वहीं, देवता खुडीजल के पुजारी रूपलाल शर्मा ने बताया कि रियासतकाल के बाद पहली बार देवता मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करने के लिए आ रहे हैं। मंडी के राजा की तरफ से देवता को दी गई भेंट अभी भी मौजूद है। देवता का मंदिर देउरी में है। देवता मूल स्थान जिला मंडी खुडीगाड में मौजूद है। देवता अनंत बालू नाग के कारदार ख्याली राम शर्मा ने बताया कि देव आदेश पर देवता को मंडी शिवरात्रि के लिए लाया जा रहा है। करीब 144 साल बाद देवता महाशिवरात्रि में पहुंच रहे हैं। मंडी जिले में भी देवता की हारियान है।
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आज भी सुकेत या किसी दूसरी रियासत के देवी-देवता एक-दूसरे की रियासत में मनाए जाने वाले मेलों में शिरकत नहीं करते हैं। हालांकि इस बार कुल्लू दशहरा में शिरकत करने वाले दो देवता खुडीजल और अनंत बालू नाग मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करने आ रहे हैं। दोनों ही देवता कुल्लू जिले से संबंध रखते हैं, लेकिन मंडी जिले से इनका पुराना संबंध रहा है। देवता खुडीजल का मंडी में मूल स्थान है तो देवता बालू नाग की हारियान मंडी में भी है। ऐसे में देवलू देव आदेश पर उन्हें मंडी महाशिवरात्रि के लिए ला रहे हैं।
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सर्वदेवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा का कहना है कि दूसरी रियासत के देवताओं के मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव में आने को लेकर भी कोई लिखित तथ्य मौजूद नहीं है, लेकिन अब रियासत जैसा कुछ नहीं है। मंडी में देवताओं के बैठने की जगह कम है। बस यही एक दिक्कत है। कुल्लू जिले से आ रहे देवताओं की सूचना मिली है। समिति अपने स्तर पर उनकी हरसंभव मदद करने के लिए तत्पर रहेगी।
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वहीं, देवता खुडीजल के पुजारी रूपलाल शर्मा ने बताया कि रियासतकाल के बाद पहली बार देवता मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करने के लिए आ रहे हैं। मंडी के राजा की तरफ से देवता को दी गई भेंट अभी भी मौजूद है। देवता का मंदिर देउरी में है। देवता मूल स्थान जिला मंडी खुडीगाड में मौजूद है। देवता अनंत बालू नाग के कारदार ख्याली राम शर्मा ने बताया कि देव आदेश पर देवता को मंडी शिवरात्रि के लिए लाया जा रहा है। करीब 144 साल बाद देवता महाशिवरात्रि में पहुंच रहे हैं। मंडी जिले में भी देवता की हारियान है।