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रेहड़ी वालों को हटाने से पहले नप को लेनी होगी कोर्ट से मंजूरी
मंडी
Updated Thu, 17 Nov 2016 10:31 PM IST
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मंडी। सीटू से संबंधित रेहड़ी फड़ी यूनियन मंडी की याचिका को मंजूर करने के बाद उस पर सुनवाई करते हुए प्रदेश उच्च न्यायालय ने वीरवार को मंडी नगर परिषद को आदेश दिए कि वह 2013 की अधिसूचना के मुताबिक जिस स्थान पर रेहड़ी फड़ी वालों को जगह दी गई है, वह उस स्थिति को बनाए रखे तथा इसमें कोई फेरबदल न करे। रेहड़ी फड़ी यूनियन ने नगर परिषद की ओर से बार-बार रेहड़ी फड़ी वालों को उठाने और तंग करने के खिलाफ मंगलवार को ही प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
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जिसमें स्ट्रीट वैंडर्स एक्ट 2014 का हवाला देते हुए रेहड़ी फड़ी वालों को स्वरोजगार के लिए दी गई जगहों को बरकरार रखने की अपील की गई थी। यह मामला वीरवार को ही सुनवाई के लग गया। हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि पहले वाली व्यवस्था को बनाए रखा जाए तथा जहां पर जो रेहड़ी फड़ी वाले अपना स्वरोजगार कर रहे हैं उन्हें वहीं पर रहने दिया जाए। यह भी आदेश दिया कि यदि नगर परिषद को उस जगह पर कोई निर्माण करना है या फिर किसी और कार्य के लिए प्रयोग करना है तो वहां से रेहड़ी फड़ी को हटाने से पहले न्यायालय से मंजूरी ली जाए। यह भी कहा कि जहां निर्माण के नाम पर रेहड़ी फड़ी वालों को हटाया गया है क्या वहां पर कोई काम हुआ भी है कि नहीं।
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अपनी याचिका में यूनियन ने भारतीय स्टेट बैंक के पास तथा डाकघर मार्ग पर काम करने वालों को हटाने की बात भी रखी थी। न्यायालय ने दस दिन के अंदर नगर परिषद मंडी को अपनी स्थिति रखने के लिए भी कहा। इस निर्णय से अब मंडी शहर के सुकोहडी खड्ड पुल जहां पर नगर परिषद ने दो बार दल बल के साथ 17 रेहड़ी फड़ी वालों को यह बता कर उठाना चाहा था कि यहां पर यातायात राउंड अबाउट का निर्माण होना है, ऐसे में उन्हें यहां से उठना होगा। उसके बाद यूनियन ने स्ट्रीट वैंडर्स एक्ट 2014 में दिए गए स्वरोजगार के अधिकार को मुद्दा बनाकर न्याय की गुहार लगाई थी। नगर परिषद मंडी की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया जाएगा।
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