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Mandi News: चिकित्सकों के अवकाश पर जाने से मरीजों को नहीं मिला उपचार, बैरंग लौटे
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बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ लंबे समय से अवकाश पर
रेडियोलॉजिस्ट न मिलने पर निजी अस्पतालों का लेना पड़ा मरीजों को सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में चिकित्सकों के अवकाश पर जाने के कारण मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। अति आवश्यक और गंभीर हालत वाले मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर महंगा उपचार लेने को मजबूर हुए। दूर-दराज़ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी बिना उपचार और बिना अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाए तिथि लेकर लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर होने के कारण मरीजों को आवश्यक उपचार सुविधा से वंचित होना पड़ा है। बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ लगभग एक सप्ताह से अवकाश पर हैं, जबकि रेडियोलॉजी विभाग के एकमात्र चिकित्सक भी शनिवार को अवकाश पर रहे। हालांकि, हड्डी रोग विभाग में दो विशेषज्ञ में से केवल एक ही अवकाश पर था, फिर भी कई मरीज बिना उपचार के लौटे।
पूर्व में अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट सेवारत थे, लेकिन मेडिकल कॉलेज नेरचौक में रेडियोलॉजिस्ट न होने पर उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर एक विशेषज्ञ को वहां प्रतिनियुक्त किया गया। इसके चलते अब मंडी में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट मरीजों को परीक्षण सुविधा दे रहे हैं। मंडी शहर के पुल घराट निवासी प्रकाश चंद के हाथ में फ्रेक्चर हुआ है। कोठी गहरी के उत्तम चंद पैर में मोच के कारण परेशान हैं, जबकि सिलग द्रंग क्षेत्र के बेदराम के हाथ में गंभीर चोट लगी है और हड्डी टूटी है। सभी मरीज हड्डी रोग ओपीडी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
बाल रोग ओपीडी में महिला चिकित्सक बच्चों की जांच कर रही हैं, लेकिन विशेषज्ञ न होने के कारण अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को निजी अस्पतालों में दिखाने को मजबूर हुए। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने के कारण कक्ष में तैनात कर्मचारी मरीजों को सोमवार तक विशेषज्ञ के आने की जानकारी देकर घर भेजते देखे गए।
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बॉक्स
कुछ विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट शनिवार तक अवकाश पर रहे। सोमवार को सभी चिकित्सक अस्पताल में तैनात रहेंगे और मरीजों की जांच करेंगे। -डॉ. दिनेश ठाकुर, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक एवं अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मंडी
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रेडियोलॉजिस्ट न मिलने पर निजी अस्पतालों का लेना पड़ा मरीजों को सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में चिकित्सकों के अवकाश पर जाने के कारण मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। अति आवश्यक और गंभीर हालत वाले मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर महंगा उपचार लेने को मजबूर हुए। दूर-दराज़ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी बिना उपचार और बिना अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाए तिथि लेकर लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर होने के कारण मरीजों को आवश्यक उपचार सुविधा से वंचित होना पड़ा है। बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ लगभग एक सप्ताह से अवकाश पर हैं, जबकि रेडियोलॉजी विभाग के एकमात्र चिकित्सक भी शनिवार को अवकाश पर रहे। हालांकि, हड्डी रोग विभाग में दो विशेषज्ञ में से केवल एक ही अवकाश पर था, फिर भी कई मरीज बिना उपचार के लौटे।
पूर्व में अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट सेवारत थे, लेकिन मेडिकल कॉलेज नेरचौक में रेडियोलॉजिस्ट न होने पर उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर एक विशेषज्ञ को वहां प्रतिनियुक्त किया गया। इसके चलते अब मंडी में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट मरीजों को परीक्षण सुविधा दे रहे हैं। मंडी शहर के पुल घराट निवासी प्रकाश चंद के हाथ में फ्रेक्चर हुआ है। कोठी गहरी के उत्तम चंद पैर में मोच के कारण परेशान हैं, जबकि सिलग द्रंग क्षेत्र के बेदराम के हाथ में गंभीर चोट लगी है और हड्डी टूटी है। सभी मरीज हड्डी रोग ओपीडी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
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बाल रोग ओपीडी में महिला चिकित्सक बच्चों की जांच कर रही हैं, लेकिन विशेषज्ञ न होने के कारण अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को निजी अस्पतालों में दिखाने को मजबूर हुए। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने के कारण कक्ष में तैनात कर्मचारी मरीजों को सोमवार तक विशेषज्ञ के आने की जानकारी देकर घर भेजते देखे गए।
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कुछ विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट शनिवार तक अवकाश पर रहे। सोमवार को सभी चिकित्सक अस्पताल में तैनात रहेंगे और मरीजों की जांच करेंगे। -डॉ. दिनेश ठाकुर, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक एवं अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मंडी