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Mandi News: पराशर ऋषि का सरानाहुली मेला 13 से, 22 देवी-देवता करेंगे शिरकत
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हजारों श्रद्धालु करेंगे शिरकत, सफाई का रखा जाएगा विशेष ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
कटौला (मंडी)। मंडी जनपद के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देव महर्षि पराशर का जिला स्तरीय ऐतिहासिक सरानाहुली मेला 13, 14 और 15 जून को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मेले में इस वर्ष हिमाचल सहित पड़ोसी राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
पराशर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष बलवीर सिंह ने बताया कि मंदिर कमेटी और स्थानीय जनता की ओर से इस मेले को विधि विधान और रीति रिवाज से धूमधाम से मनाया जाएगा। मान्यता है कि हर वर्ष किसान नई फसल निकलने पर देवी देवताओं को भोग लगाने के बाद ही इसे ग्रहण करते हैं। जिसे चढ़ाने के लिए हजारों किसान इस दिन अपने-अपने देवी देवता और ईष्ट कुल देवताओं के दरबार परिवार सहित पहुंचते हैं।
सरानाहुली मेले में देव आदि ब्रह्मा, ऋषि पराशर के दरबार हर तीन साल बाद हाजिरी भरने के बाद झील की पूरी परिक्रमा करते हैं। जैसे मंडी शिवरात्रि में देव आदि ब्रह्मा मंडी शहर में सुरक्षा कवच बांधते हैं। उसी तरह यहां भी देवसा पराशर झील की परिक्रमा करने के बाद क्षेत्र की सुख शांति और सुरक्षा की कार बांधकर रक्षा का वचन देकर अपने मंदिर लौटते हैं। इस मेले में पहली बार छोटी काशी मंडी स्थित पुरानी मंडी से महारानी माता जगत-जननी भी इस मेले की शोभा बढ़ाने के लिए पराशर ऋषि के दरबार में पहुंचेंगी। वहीं, ज्वालापुर से शेषनाग, सुखदेव ऋषि, देव आदि ब्रह्मा टिहरी, डघांडू, निशु पड़ाशरी, माता धारा नागण, सोना सिंहासन, माता न्यूल मैहणी, कांढी घटासनी शिवा, माता बूढ़ी बुछावरण मासड़, देव खणी नागणू नवलाय, बुंगा देव गहरी, वीरनाथ हलगड़, बलगांदू गहरी, बाबा वीरनाथ, सुहड़ा गैहरी, मंडी शहर से माता जगत जननी तथा देव गणपति भटवाड़ी समेत 22 देवी-देवता मेले में शामिल होंगे।
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अध्यक्ष बलवीर ने बताया कि ग्राम पंचायत शेगली की प्रधान विमला देवी, छपे राम सहित समस्त ग्राम पंचायत शेगली की तरफ से सरानाहुली मेले के दौरान आने वाले सभी श्रद्धालुओं से यह निवेदन किया है कि मेले के दौरान पराशर ऋषि की पवित्र स्थली की पवित्रता का विशेष ध्यान रखें। कचरा और गंदगी न फैलाएं। खाली बोतल, कूड़ा आदि को मेले में रखे गए डस्टबिन में ही डालें, ताकि पराशर ऋषि की तपोस्थली को साफ और स्वच्छ बनाया जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कटौला (मंडी)। मंडी जनपद के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देव महर्षि पराशर का जिला स्तरीय ऐतिहासिक सरानाहुली मेला 13, 14 और 15 जून को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मेले में इस वर्ष हिमाचल सहित पड़ोसी राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
पराशर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष बलवीर सिंह ने बताया कि मंदिर कमेटी और स्थानीय जनता की ओर से इस मेले को विधि विधान और रीति रिवाज से धूमधाम से मनाया जाएगा। मान्यता है कि हर वर्ष किसान नई फसल निकलने पर देवी देवताओं को भोग लगाने के बाद ही इसे ग्रहण करते हैं। जिसे चढ़ाने के लिए हजारों किसान इस दिन अपने-अपने देवी देवता और ईष्ट कुल देवताओं के दरबार परिवार सहित पहुंचते हैं।
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सरानाहुली मेले में देव आदि ब्रह्मा, ऋषि पराशर के दरबार हर तीन साल बाद हाजिरी भरने के बाद झील की पूरी परिक्रमा करते हैं। जैसे मंडी शिवरात्रि में देव आदि ब्रह्मा मंडी शहर में सुरक्षा कवच बांधते हैं। उसी तरह यहां भी देवसा पराशर झील की परिक्रमा करने के बाद क्षेत्र की सुख शांति और सुरक्षा की कार बांधकर रक्षा का वचन देकर अपने मंदिर लौटते हैं। इस मेले में पहली बार छोटी काशी मंडी स्थित पुरानी मंडी से महारानी माता जगत-जननी भी इस मेले की शोभा बढ़ाने के लिए पराशर ऋषि के दरबार में पहुंचेंगी। वहीं, ज्वालापुर से शेषनाग, सुखदेव ऋषि, देव आदि ब्रह्मा टिहरी, डघांडू, निशु पड़ाशरी, माता धारा नागण, सोना सिंहासन, माता न्यूल मैहणी, कांढी घटासनी शिवा, माता बूढ़ी बुछावरण मासड़, देव खणी नागणू नवलाय, बुंगा देव गहरी, वीरनाथ हलगड़, बलगांदू गहरी, बाबा वीरनाथ, सुहड़ा गैहरी, मंडी शहर से माता जगत जननी तथा देव गणपति भटवाड़ी समेत 22 देवी-देवता मेले में शामिल होंगे।
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अध्यक्ष बलवीर ने बताया कि ग्राम पंचायत शेगली की प्रधान विमला देवी, छपे राम सहित समस्त ग्राम पंचायत शेगली की तरफ से सरानाहुली मेले के दौरान आने वाले सभी श्रद्धालुओं से यह निवेदन किया है कि मेले के दौरान पराशर ऋषि की पवित्र स्थली की पवित्रता का विशेष ध्यान रखें। कचरा और गंदगी न फैलाएं। खाली बोतल, कूड़ा आदि को मेले में रखे गए डस्टबिन में ही डालें, ताकि पराशर ऋषि की तपोस्थली को साफ और स्वच्छ बनाया जा सके।