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Mandi News: चार साल से लापता अपने कांस्टेबल को नहीं ढूंढ पाई मंडी पुलिस
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हटली थाना से ऑन ड्यूटी लापता हुआ था सुंदरनगर के पलौहटा का सिपाही अजय
माता-पिता का आरोप, आज तक दर्ज नहीं हुई एफआईआर
बेटे की राह देखते-देखते सूख चुकी हैं माता-पिता की आंखें
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। पिछले चार वर्षों से लापता अपने कांस्टेबल अजय को पुलिस अब तक ढूंढ नहीं पाई है। सुंदरनगर के पलौहटा निवासी अजय के बुजुर्ग पिता चूड़ा राम और माता मथरा देवी की आंखें बेटे की राह देखते-देखते सूख चुकी हैं। चार वर्ष पूर्व तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने उन्हें पुत्र को खोजने का आश्वासन दिया था। इसके बाद दो पुलिस अधीक्षक बदल गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
अजय के पिता का कहना है कि बेटा उस समय अविवाहित था और उसकी शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। वह नियमित रूप से थाना हटली में अपनी सेवाएं दे रहा था। वहीं, चाचा लीलाधर ने आरोप लगाया कि हर महीने पुलिस का एक कर्मचारी घर आकर पूछताछ करता है, जिससे विभाग औपचारिकता पूरी कर लेता है। हैरानी की बात यह है कि ड्यूटी से लापता जवान के मामले में उसके ही विभाग ने एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया।
अजय कोटली क्षेत्र के घ्राण गांव के युवक दुष्यंत शर्मा के साथ आखिरी बार देखा गया था। ताया और पूर्व प्रधान खूब राम का कहना है कि बेटे को खोजते-खोजते उनकी आंखें भी नम हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिस युवक के साथ अजय आखिरी बार देखा गया था, उसके आधार कार्ड के माध्यम से यह पता लगाया जाए कि उस नाम पर कितने सिम सक्रिय हैं, कितने बंद हैं और किन-किन स्थानों से कॉल की गई हैं, ताकि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ सके।
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मेरे संज्ञान में यह पुराना मामला आया है। मैंने इसकी पूरी रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे पाऊंगा। -विनोद कुमार, एसपी मंडी
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माता-पिता का आरोप, आज तक दर्ज नहीं हुई एफआईआर
बेटे की राह देखते-देखते सूख चुकी हैं माता-पिता की आंखें
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। पिछले चार वर्षों से लापता अपने कांस्टेबल अजय को पुलिस अब तक ढूंढ नहीं पाई है। सुंदरनगर के पलौहटा निवासी अजय के बुजुर्ग पिता चूड़ा राम और माता मथरा देवी की आंखें बेटे की राह देखते-देखते सूख चुकी हैं। चार वर्ष पूर्व तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने उन्हें पुत्र को खोजने का आश्वासन दिया था। इसके बाद दो पुलिस अधीक्षक बदल गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
अजय के पिता का कहना है कि बेटा उस समय अविवाहित था और उसकी शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। वह नियमित रूप से थाना हटली में अपनी सेवाएं दे रहा था। वहीं, चाचा लीलाधर ने आरोप लगाया कि हर महीने पुलिस का एक कर्मचारी घर आकर पूछताछ करता है, जिससे विभाग औपचारिकता पूरी कर लेता है। हैरानी की बात यह है कि ड्यूटी से लापता जवान के मामले में उसके ही विभाग ने एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया।
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अजय कोटली क्षेत्र के घ्राण गांव के युवक दुष्यंत शर्मा के साथ आखिरी बार देखा गया था। ताया और पूर्व प्रधान खूब राम का कहना है कि बेटे को खोजते-खोजते उनकी आंखें भी नम हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिस युवक के साथ अजय आखिरी बार देखा गया था, उसके आधार कार्ड के माध्यम से यह पता लगाया जाए कि उस नाम पर कितने सिम सक्रिय हैं, कितने बंद हैं और किन-किन स्थानों से कॉल की गई हैं, ताकि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ सके।
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मेरे संज्ञान में यह पुराना मामला आया है। मैंने इसकी पूरी रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे पाऊंगा। -विनोद कुमार, एसपी मंडी