लारजी प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन ठप
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कुल्लू जिला में बादल फटने की घटनाओं से ब्यास नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने के कारण बुधवार को राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड के 126 मेगावाट के लारजी परियोजना में बिजली उत्पादन बंद करना पड़ा। लारजी डैम का जलस्तर 968 मीटर तक पहुंचने पर तीन गेट खोल कर पानी छोड़ा गया। बुधवार को ब्यास नदी में सिल्ट की मात्रा 2400 पीपीएम से अधिक पहुंचने पर लारजी प्रोजेक्ट में सुबह 11.25 बजे शट टाउन लेकर बिजली उत्पादन बंद करना पड़ा। लारजी बांध का जलस्तर 968 मीटर तक पहुंचने पर परियोजना प्रबंधन ने डैम के तीन गेट खोल कर पानी छोड़ा। जिसमें वाटर डिस्चार्ज 1400 क्यूमैक्स रिकॉर्ड किया गया।
भारी बारिश के कारण ब्यास नदी में बढ़ रही सिल्ट की मात्रा से बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है। जिससे राज्य विद्युत परिषद को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लारजी प्रोजेक्ट के आरई मनजीत सिंह ने सिल्ट के कारण शट टाउन लेने की पुष्टि की है। भारी बारिश से लारजी डैम से पानी छोड़ने पर जिला प्रशासन ने भी ब्यास नदी के निचले क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।
प्रशासन ने मंडी शहर के पंचवक्त्र मंदिर के समीप ब्यास नदी के किनारे झोपड़ियों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी विवेक चंदेल ने कहा कि कुल्लू जिला में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं से ब्यास नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ रही है। जिससे लारजी परियोजना प्रबंधन ने डैम से पानी छोड़ने की सूचना दी है। डैम के निचले तरफ ब्यास नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया गया है। मंडी के समीप ब्यास किनारे झोंपड़ियों में रहने वाले प्रवासियों को भी वहां से हटाया गया है।