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Mandi News: सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़कों पर उतरे लंबाथाच कॉलेज के छात्र
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लंबाथाच कॉलेज में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए एसएफआई कार्यकर्ता।
एसएफआई ने शिक्षा व्यवस्था, नीट और शिक्षकों की कमी को लेकर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। राजकीय महाविद्यालय लंबाथाच में शनिवार को छात्र संगठन एसएफआई ने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और नारेबाजी के बीच छात्रों ने सिर्फ वांगचुक के समर्थन तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों को भी जोरदार तरीके से उठाया।
प्रदर्शन के दौरान लंबाथाच एसएफआई इकाई अध्यक्ष महेंद्र व सचिव मनीष ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं से लाखों विद्यार्थियों का भरोसा डगमगा रहा है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों के साथ पुलिस की कथित कार्रवाई की भी निंदा की। धरने में स्थानीय मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। एसएफआई छात्रा नेताओं का कहना है कि राजकीय महाविद्यालय लंबाथाच में नौ प्रोफेसरों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई विषयों की नियमित कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। संगठन ने सरकार से इन पदों को जल्द भरने की मांग की। एसएफआई ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। राजकीय महाविद्यालय लंबाथाच में शनिवार को छात्र संगठन एसएफआई ने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और नारेबाजी के बीच छात्रों ने सिर्फ वांगचुक के समर्थन तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों को भी जोरदार तरीके से उठाया।
प्रदर्शन के दौरान लंबाथाच एसएफआई इकाई अध्यक्ष महेंद्र व सचिव मनीष ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं से लाखों विद्यार्थियों का भरोसा डगमगा रहा है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
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छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों के साथ पुलिस की कथित कार्रवाई की भी निंदा की। धरने में स्थानीय मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। एसएफआई छात्रा नेताओं का कहना है कि राजकीय महाविद्यालय लंबाथाच में नौ प्रोफेसरों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई विषयों की नियमित कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। संगठन ने सरकार से इन पदों को जल्द भरने की मांग की। एसएफआई ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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