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Mandi News: अपहरण के दोषी को दो साल कारावास बीस हजार जुर्माने की सजा

Wed, 21 Dec 2022 11:51 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2022 11:51 PM IST
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Kidnapping convict sentenced to two years, fined twenty thousand
मंडी। शादी का झांसा देकर नाबालिग का अपहरण करने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक दोषी को दो साल के साधारण कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। दोषी द्वारा जुर्माना राशि अदा न करने पर उसे 4 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। सत्र न्यायाधीश के न्यायालय ने जिला हमीरपुर की भोरंज तहसील के कोट लंगसाण (अवाहदेवी) निवासी अभिलाष कुमार पुत्र रघुबीर सिंह के खिलाफ भादंसं की धारा 363 के तहत नाबालिग को अगवा करने का अभियोग साबित होने पर उक्त सजा का फैसला सुनाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार नाबालिग अपने चाचा के पास रहती थी।
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उसके चाचा का कोई बच्चा न होने के कारण वह उसे पढ़ा रहे थे। नाबालिग दस जमा एक में पढ़ रही थी। 11 सितंबर 2017 को नाबालिग स्कूल गई हुई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उसके चाचा ने पीड़िता को सभी जगह तलाश किया। उन्हें एक पड़ोसी ने बताया कि पीड़िता एक वाहन पर गई है। इस वाहन में 2-3 लोग बैठे हुए थे। पीड़िता ने अगले दिन अपने चाचा को फोन किया कि उसने शादी कर ली है। जिस पर पीड़िता के चाचा ने पुलिस को शिकायत दी थी। जिसकी तहकीकात सहायक उपनिरीक्षक बलबीर शर्मा ने की थी। पुलिस ने कॉल डिटेल से आरोपी की लोकेशन का पता लगा कर सह आरोपी शशीकांत के घर की तलाशी ली तो पीड़िता उन्हें वहां से एक कमरे में मिली।
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पुलिस ने सहआरोपी से पूछताछ की तो उसने बताया कि आरोपी अभिलाष ने पीडिता को यह कह कर यहां पर रखा है कि वह नवरात्रों के बाद उससे शादी करेगा। पुलिस ने पीड़िता को उसके चाचा के हवाले किया था। पुलिस ने आरोपी और सह आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने आरोपी पर अभियोग साबित करने के लिए 11 गवाहों के ब्यान कलमबंद करवाए थे।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों पर षड्यंत्र का अभियोग साबित नहीं हुआ है। जिसके चलते अदालत ने सह आरोपी शशीकान्त को बरी कर दिया, जबकि आरोपी अभिलाष के खिलाफ नाबालिग का अपहरण करने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित होने पर उसे उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।
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