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चेक बाउंस के दोषी को छह महीने का साधारण कारावास
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मंडी। अपीलीय अदालत ने चेक बाउंस के दोषी की छह माह के साधारण कारावास और दो लाख रुपये हर्जाने की सजा का फैसला बरकरार रख उसकी अपील खारिज कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरीश शर्मा की अदालत ने करसोग तहसील के मतेहल गांव निवासी नरपत राम की अपील को निरस्त कर अधीनस्थ न्यायालय की सुनाई सजा को बरकरार रखा है।
दोषी ने पंजाब नेशनल बैंक की करसोग शाखा से कृषि और बागवानी के लिए दो लाख का केसीसी लोन लिया था। ऋण की शर्तों के मुताबिक दोषी को हर वित्तीय वर्ष में एक बार ऋण की राशि को लौटाना जरूरी था। दोषी ने राशि बैंक में जमा नहीं करवाई।
बैंक ने कई नोटिस जारी किए। बाद में बैंक को एक चेक जारी किया। यह चेक बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता बैंक ने दोषी के खिलाफ निगोशिएबल इंस्ट्रुमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत अभियोग चलाया। अधीनस्थ अदालत ने दोषी के खिलाफ चेक बाउंस का अभियोग साबित होने पर उसे उक्त कारावास और हर्जाने की सजा सुनाई। दोषी ने अधीनस्थ न्यायालय के फैसले को अपीलीय अदालत में चुनौती दी।
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अपीलीय अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फैसले में कहा कि दोषी ने चेक को शिकायतकर्ता बैंक की विधिक देनदारी को चुकाने के लिए जारी किया था। इसके चलते अदालत ने दोषी को उक्त सजा और हर्जाना अदा करने का फैसला बरकरार रखते हुए अपील को निरस्त करने का फैसला सुनाया है। संवाद
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दोषी ने पंजाब नेशनल बैंक की करसोग शाखा से कृषि और बागवानी के लिए दो लाख का केसीसी लोन लिया था। ऋण की शर्तों के मुताबिक दोषी को हर वित्तीय वर्ष में एक बार ऋण की राशि को लौटाना जरूरी था। दोषी ने राशि बैंक में जमा नहीं करवाई।
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बैंक ने कई नोटिस जारी किए। बाद में बैंक को एक चेक जारी किया। यह चेक बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता बैंक ने दोषी के खिलाफ निगोशिएबल इंस्ट्रुमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत अभियोग चलाया। अधीनस्थ अदालत ने दोषी के खिलाफ चेक बाउंस का अभियोग साबित होने पर उसे उक्त कारावास और हर्जाने की सजा सुनाई। दोषी ने अधीनस्थ न्यायालय के फैसले को अपीलीय अदालत में चुनौती दी।
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अपीलीय अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फैसले में कहा कि दोषी ने चेक को शिकायतकर्ता बैंक की विधिक देनदारी को चुकाने के लिए जारी किया था। इसके चलते अदालत ने दोषी को उक्त सजा और हर्जाना अदा करने का फैसला बरकरार रखते हुए अपील को निरस्त करने का फैसला सुनाया है। संवाद