हिमाचल प्रदेश: मंडी में HRTC बस कंडक्टर के ऊपर जानलेवा हमला, MLA प्रकाश राणा के ड्राइवर के बेटे पर आरोप
HRTC Conductor Assault Mandi: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एचआरटीसी के कंडक्टर के साथ मारपीट की घटना पेश आई है। वहीं, पीड़ित कंडक्टर ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने भी मामले को दबाने की कोशिश की है। पढ़ें पूरी खबर...
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जोगिंद्रनगर के पास कुछ लोगों ने हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम की बस के परिचालक से मारपीट कर दी। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर, प्रदेश चालक व परिचालक यूनियन ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर 20 अप्रैल से प्रदेशभर में हड़ताल की चेतावनी दी है।
आरोप है कि थुरल से जोगिंद्रनगर आ रही एचआरटीसी की बस के परिचालक पर शनिवार शाम शिक्षक समेत सात युवकों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने परिचालक को लात-घूंसों से पीटकर घायल कर दिया, जिससे उसकी वर्दी तक फट गई। यात्रियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह परिचालक को हमलावरों से छुड़ाया। एचआरटीसी यूनियन का आरोप है कि मारपीट में एक नेता की गाड़ी के चालक का बेटा भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार निगम की बस जब एहजू के पास पहुंची तो सामने से एक अन्य बस आ गई। रास्ता देने के लिए चालक को बस पीछे करनी पड़ी। इसी दौरान परिचालक लक्की ने खिड़की से पीछे आ रहे स्कूटी सवार युवकों को वाहन पीछे करने के लिए कहा। आरोप है कि परिचालक का लहजा ऊंचा था, जिससे स्कूटी चालक भड़क गया और उसने परिचालक के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उसने अपने चार-पांच साथियों को बुला लिया, जिन्होंने मिलकर परिचालक पर हमला कर दिया। यह घटना किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जिसमें हमलावर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
घटना के बाद एचआरटीसी कर्मचारी जोगिंद्रनगर में एकजुट हो गए। कर्मचारी नेता मानसिंह ने नेता से मांग की है कि आरोपी के पिता (चालक) को तुरंत नौकरी से हटाया जाए, अन्यथा कर्मचारी आंदोलन करेंगे। एचआरटीसी कर्मचारी महासंघ ने सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। महासंघ के मीडिया प्रभारी ललित ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो प्रदेशभर में परिचालक हड़ताल पर चले जाएंगे।
घायल परिचालक लक्की ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। पीड़ित का आरोप है कि निगम के निरीक्षक पर भी समझौता करने का दबाव बनाया गया। उसने कहा कि बिना किसी गलती के उसके साथ मारपीट की गई। यह भी कहा गया कि तूने यहां नौकरी करनी है तो समझौता कर ले। उधर, दूसरे पक्ष से मनोज कुमार ने वायरल वीडियो को एकतरफा और भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि संकरी सड़क पर उन्होंने अपनी स्कूटी पहले ही साइड में रोक ली थी, लेकिन कंडक्टर ने उनके पास आकर गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी।
विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, जिसमें एचआरटीसी बस कंडक्टर के साथ मारपीट करने वाले युवक को उनके ड्राइवर का बेटा बताया जा रहा है, पूरी तरह गलत और भ्रामक है। राणा ने दावा किया कि इस घटना में उनके ड्राइवर के बेटे की कोई संलिप्तता नहीं है। आरोप लगाया कि एचआरटीसी यूनियन साजिश के तहत उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। चेतावनी दी कि बिना किसी ठोस सबूत के उनका नाम घसीटने वालों के खिलाफ वे मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।
एचआरटीसी के परिचालक के साथ हुई मारपीट के बाद परिचालक संघ में आक्रोश है। विरोधस्वरूप संघ ने संबंधित रूट पर चलने वाली तीन बस सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। धर्मशाला मंडल कंडक्टर यूनियन के अध्यक्ष साहिल चौधरी ने कहा कि अभी तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। यूनियन ने प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
जोगिंद्रनगर के पास हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस के परिचालक पर हमले से प्रदेश चालक व परिचालक यूनियन भड़क गई है। रविवार को शिमला के पुराने बस स्टैंड पर यूनियन के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि आरोपियों पर कार्रवाई न हुई तो 20 अप्रैल से एचआरटीसी कर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे। यूनियन ने आरोप लगाया कि दो युवकों ने पहले खुद परिचालक को पीटा। इसके बाद अन्य युवकों को बुलाकर गुंडागर्दी दिखाई।
यूनियन ने कहा कि अगर एक बस दूसरी को पास न देती तो वहां जाम की स्थिति बन जाती। इससे लोग भी परेशान होते, लेकिन जब बस को पीछे की ओर किया तो दोपहिया वाहन में सवार युवकों ने थोड़ा सा बोलने पर ही जानलेवा हमला कर दिया। यूनियन ने मामले में आरोपी अध्यापक को भी निलंबित करने की मांग की।
एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर और प्रीत महेंद्र ने कहा कि प्रदेश में राजगढ़, धर्मशाला तो कभी ठियोग में निगम के चालक व परिचालक से मारपीट की जा रही है। जब तक चालकों-परिचालकों की सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं किया जाता, रूट पर बसें नहीं जाएंगी। यूनियन ने पुलिस पर भी सवाल उठाए। कहा कि तुरंत एफआईआर नहीं की गई।