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पंचायत चौकीदारों के लिए नीति बनाए सरकार : संघ
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के तीन हजार पंचायत चौकीदार वर्षों से सरकार से पॉलिसी बनाए जाने की आस लगाए बैठे हैं। मंडी में पंचायत चौकीदारों ने बैठक कर प्रदेश सरकार से जल्द पॉलिसी बनाने की गुहार लगाई है। बैठक में पंचायत चौकीदारों ने विभिन्न मांगों और समस्याओं पर चर्चा की।
पंचायत चौकीदार संघ मंडी सदर के अध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि सरकार कोई ठोस पॉलिसी नहीं बना पाई है। उन्होंने मांग उठाई है कि 12 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके पंचायत चौकीदारों को नियमित किया जाए और इनका मानदेय सीधे बैंक खातों के माध्यम से दिया जाए। कहा कि जब से पंचायतों का गठन हुआ है तभी से ही पंचायत चौकीदारों का शोषण किया जा रहा है। दिन रात सेवाएं देने के बाद भी अंशकालीन चौकीदारों को 8 हजार और दैनिक वेतन भोगियों को 12 हजार रुपये मानदेय ही दिया जा रहा है।
पंचायत चौकीदार लाल दास ने बताया कि वह 1988 में भर्ती हुए थे और आज 37 वर्षों की सेवाएं देने के बाद भी नियमित नहीं हो पाए हैं। उन्होंने बताया कि कई पंचायत चौकीदार बिना नियमित हुए ही सेवानिवृत्त हो गए। उनके पास जीवन यापन करने के लिए कोई साधन नहीं है। उन्होंने सरकार से सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का प्रावधान किए जाने की गुहार भी लगाई है।
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पंचायत चौकीदार संघ मंडी सदर के अध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि सरकार कोई ठोस पॉलिसी नहीं बना पाई है। उन्होंने मांग उठाई है कि 12 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके पंचायत चौकीदारों को नियमित किया जाए और इनका मानदेय सीधे बैंक खातों के माध्यम से दिया जाए। कहा कि जब से पंचायतों का गठन हुआ है तभी से ही पंचायत चौकीदारों का शोषण किया जा रहा है। दिन रात सेवाएं देने के बाद भी अंशकालीन चौकीदारों को 8 हजार और दैनिक वेतन भोगियों को 12 हजार रुपये मानदेय ही दिया जा रहा है।
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पंचायत चौकीदार लाल दास ने बताया कि वह 1988 में भर्ती हुए थे और आज 37 वर्षों की सेवाएं देने के बाद भी नियमित नहीं हो पाए हैं। उन्होंने बताया कि कई पंचायत चौकीदार बिना नियमित हुए ही सेवानिवृत्त हो गए। उनके पास जीवन यापन करने के लिए कोई साधन नहीं है। उन्होंने सरकार से सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का प्रावधान किए जाने की गुहार भी लगाई है।
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