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किताबें खरीदने के लिए छात्रों को बाहरी राज्यों से आ रहीं फर्जी कॉल
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:36 PM IST
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अब स्कूली छात्राओं और उनके अभिभावकों को अनजान नंबरों से किताबें खरीदने के लिए बाहरी राज्यों से कॉल आ रही है। कॉल करने वालों के पास नाम, कक्षा और विषयों से संबंधित पूरी जानकारी है। इस पर अभिभावकों ने हैरानी जताते हुए कहा कि बाहरी राज्यों के लोगों को बच्चों का शैक्षणिक रिकॉर्ड कहां से मिला है, इसकी जांच होनी चाहिए।
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चौंतड़ा पंचायत की जमा दो में पढ़ रही एक छात्रा के पिता को हरियाणा से मोबाइल पर कॉल आई। इसमें हरियाणा के अबांला से महिला ने छात्रा के पिता अमरजीत को उसकी बेटी का नाम, कक्षा, पढ़ रहे विषयों के बारे बताया और खुद को हरियाणा के शिक्षा विभाग से इंटरनेशनल शिक्षा सेंटर अबांला से बताया। अपनी बेटी के शिक्षा तथ्यों की जानकारी को सुनकर अमरजीत चौंक गया।
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उसने उक्त महिला को थोड़ी देर बाद दोबारा कॉल करने को कहा और अपने एक परिचित के पास पहुंचा। थोड़ी देर बाद मोबाइल फोन पर महिला ने दोबारा कॉल कर छात्रा की पढ़ाई को देखते हुए उसे कुछ शैक्षणिक किताबें उपलब्ध करवाने की बात कहने के साथ किताबों की कीमत लगभग 18 सौ रुपए बताई।
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किताबें लगभग साढ़े सात सौ रुपए पर उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके साथ फोन करने वाली महिला से पूछने पर बताया कि उनके सेंटर को हरियाणा के अलावा हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग व बोर्ड से भी किताबें बेचने की अनुमति है। किताबों के वीपीपी डाक से छुड़ाने पर भुगतान करना है। अभिभवाक अमरजीत ने बताया कि प्रदेश में छात्रों को प्रदेश शिक्षा बोर्ड की किताबें पढ़ाई जा रही है, लेकिन बाहरी राज्यों में लोगों के पास ऐसे तथ्य पहुंचना जांच का विषय है।
इस बारे में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की पीआरओ अंजू पाठक ने बताया कि बोर्ड ने किसी भी बाहरी राज्य की संस्था या एनजीओ को प्रदेश की पाठशालाओं में अध्यनरत छात्रों को सिलेबस या अन्य विषयों की किताबें बेचने या भेजने के लिए अनुबंधित नहीं किया है।