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Mandi News: जोगिंद्रनगर अस्पताल में विटामिन-डी की दवा भी नहीं
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नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में उपचार हासिल करने के दौरान खून के टेस्ट करवाने के लिए मरीजों की भ
- फोटो : सांकेतिक
जोगिंद्रनगर (मंडी)। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे धरातल पर हवा साबित हो रहे हैं। 100 बिस्तरों वाले जोगिंद्रनगर नागरिक अस्पताल में मरीजों को जीवन रक्षक दवाइयों और सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। अस्पताल में 200 प्रकार की मुफ्त दवाइयों के बड़े-बड़े बोर्ड लगे हैं, लेकिन धरातल पर महज 40 से 50 फीसदी दवाएं ही उपलब्ध हैं।
तीमारदारों मनीष, कमल और अजय ने बताया कि विटामिन-डी, बी-12, कोलेस्ट्रॉल, मल्टीविटामिन और दर्द निवारक इंजेक्शन तक उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से 1,000 से 1,500 रुपये तक खर्च कर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। आलम यह है कि ग्लूकोज, इंजेक्शन और सांस के मरीजों के लिए ऑक्सीजन मास्क तक बाहर से मंगाए जा रहे हैं।
अस्पताल की बायोकेमिस्ट्री लैब बीते कई दिन से बंद रहने के कारण मरीजों को दिक्कत हो रही है। निजी क्रस्ना लैब में टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को भूखे-प्यासे घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। तीमारदार कपिल और अनिल ने कहा कि अस्पताल परिसर में मरीजों और बुजुर्गों के बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक चौहान ने बताया कि क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में जिन दवाओं की कमी है, उन्हें जल्द उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि रोगी कल्याण समिति को भी अस्पताल स्तर पर आवश्यक दवाएं खरीदने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीजों को असुविधा न हो।
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तीमारदारों मनीष, कमल और अजय ने बताया कि विटामिन-डी, बी-12, कोलेस्ट्रॉल, मल्टीविटामिन और दर्द निवारक इंजेक्शन तक उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से 1,000 से 1,500 रुपये तक खर्च कर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। आलम यह है कि ग्लूकोज, इंजेक्शन और सांस के मरीजों के लिए ऑक्सीजन मास्क तक बाहर से मंगाए जा रहे हैं।
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अस्पताल की बायोकेमिस्ट्री लैब बीते कई दिन से बंद रहने के कारण मरीजों को दिक्कत हो रही है। निजी क्रस्ना लैब में टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को भूखे-प्यासे घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। तीमारदार कपिल और अनिल ने कहा कि अस्पताल परिसर में मरीजों और बुजुर्गों के बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक चौहान ने बताया कि क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में जिन दवाओं की कमी है, उन्हें जल्द उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि रोगी कल्याण समिति को भी अस्पताल स्तर पर आवश्यक दवाएं खरीदने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीजों को असुविधा न हो।