{"_id":"62867e00aea92b77aa07b257","slug":"drivers-will-not-run-buses-on-may-30-if-the-demands-are-not-accepted-mandi-news-sml409386357","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगें न मानने पर 30 मई को बसें नहीं चलाएंगे ड्राइवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगें न मानने पर 30 मई को बसें नहीं चलाएंगे ड्राइवर
विज्ञापन
मंडी में एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के सदस्य मांगों को लेकर गेट मीटिंग करते हुए।
- फोटो : Mandi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। एरियर, डीए और छठे वेतनमान की सिफारिशें लागू न होने से खफा एचआरटीसी ड्राइवरों ने वीरवार को मंडी वर्कशाप में बैठक कर 29 मई रात 12:00 बजे से 30 मई रात 12:00 बजे तक बसें न चलाने का निर्णय लिया है।
वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रदेश कार्यकारिणी से इस संदर्भ में सहमति आई तो 24 घंटे तक मंडी मंडल में करीब डेढ़ हजार चालक बसें नहीं चलाएंगे। मंडी मंडल में छह डिपो सुंदरनगर, सरकाघाट, मंडी, कुल्लू, केलांग और धर्मपुर डिपो के करीब 800 रूट प्रभावित होंगे।
बैठक की अध्यक्षता मंडलीय प्रधान फत्ते सिंह ने की। उन्होंने सरकार और प्रबंधन को चेताया कि 12 से 19 मई तक की गई बैठकों के बाद भी मांगों को नहीं माना गया है और न ही वार्ता के लिए बुलाया है। ऐसे में चालक यूनियन में भारी रोष है और उन्होंने बसें न चलाने का निर्णय किया है।
विज्ञापन
कहा कि काम छोड़ो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होगी। बैठक में कृष्ण देव, चेतन शर्मा, अशोक कुमार, रमेश कुमार, अनिल कुमार सहित अन्य ड्राइवर-कंडक्टर मौजूद रहे।
....
ये उठाई मांगें
वक्ताओं ने गेट मीटिंग में कहा कि 2006 से 2014 तक एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। 2016 से छठे वेतनमान की सिफारिशें को चालक तरस रहे हैं। वर्ष 2017 का 4 प्रतिशत डीए, 2018 का 4 प्रतिशत, 2019 का 3 प्रतिशत डीए और 2022 का 6 प्रतिशत डीए भी नहीं मिला है। 36 महीनों का रात्रि ओवरटाइम लंबित है। सभी मांगें जब तक पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रदेश कार्यकारिणी से इस संदर्भ में सहमति आई तो 24 घंटे तक मंडी मंडल में करीब डेढ़ हजार चालक बसें नहीं चलाएंगे। मंडी मंडल में छह डिपो सुंदरनगर, सरकाघाट, मंडी, कुल्लू, केलांग और धर्मपुर डिपो के करीब 800 रूट प्रभावित होंगे।
विज्ञापन
बैठक की अध्यक्षता मंडलीय प्रधान फत्ते सिंह ने की। उन्होंने सरकार और प्रबंधन को चेताया कि 12 से 19 मई तक की गई बैठकों के बाद भी मांगों को नहीं माना गया है और न ही वार्ता के लिए बुलाया है। ऐसे में चालक यूनियन में भारी रोष है और उन्होंने बसें न चलाने का निर्णय किया है।
विज्ञापन
कहा कि काम छोड़ो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होगी। बैठक में कृष्ण देव, चेतन शर्मा, अशोक कुमार, रमेश कुमार, अनिल कुमार सहित अन्य ड्राइवर-कंडक्टर मौजूद रहे।
....
ये उठाई मांगें
वक्ताओं ने गेट मीटिंग में कहा कि 2006 से 2014 तक एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। 2016 से छठे वेतनमान की सिफारिशें को चालक तरस रहे हैं। वर्ष 2017 का 4 प्रतिशत डीए, 2018 का 4 प्रतिशत, 2019 का 3 प्रतिशत डीए और 2022 का 6 प्रतिशत डीए भी नहीं मिला है। 36 महीनों का रात्रि ओवरटाइम लंबित है। सभी मांगें जब तक पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।