{"_id":"5faa865c8ebc3e5be50e9541","slug":"department-nodal-officer-should-be-deployed-for-disaster-management-dc-mandi-news-sml351092463","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभाग आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी तैनात करें : डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभाग आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी तैनात करें : डीसी
विज्ञापन
मंडी में आयोजित बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर। संवाद
- फोटो : Mandi
मंडी। जिले में बर्फबारी और अन्य किसी भी आपदा से निपटने के लिए मंडी जिला प्रशासन मुस्तैद है। उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने सभी विभागों और जिला अधिकारियों से बैठक कर बर्फबारी से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सर्दियों में आपदा प्रबंधन के लिए हर विभाग एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। उनका मोबाइल नंबर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ सांझा करेें। उन्होंने सर्दियों के दौरान भारी बारिश और बर्फबारी के कारण बंद होने वाली सड़कों को खोलने, बिजली और पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने से संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां सुरक्षा के लिहाज से विशेष ध्यान देने को भी कहा। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्व प्रबंध करने के आदेश दिए।
ये क्षेत्र सर्वाधिक संवेदनशील
जिले में चोहारघाटी, सराजघाटी, शिकारी देवी, कमरूनाग क्षेत्र, रोहांडा-पंडार, बरोट, पराशर, थुनाग, जंजैहली तथा गाढ़ागुसैणी आदि क्षेत्रों में अत्यधिक बर्फबारी होती है। इन क्षेत्रों में जनजीवन को सुचारू रखने और ग्रामीणों को बिजली-पानी और राशन उपलब्ध करवाने के साथ-साथ यातायात सहित हर प्रकार की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्रवण मांटा, जिला राजस्व अधिकारी राजीव सांख्यान सहित विभागों के जिला अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
विज्ञापन
ट्रैकरों पर नजर रखें विभाग
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे सर्दियों के दौरान बर्फबारी वाले इलाकों में जाने वाले पर्यटकों और ट्रैकरों पर नजर रखें, ताकि इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उपायुक्त ने ज्यादा बर्फबारी वाले क्षेत्रों में उचित मूल्य की दुकानों में 5 महीने का अग्रिम राशन, गैस सिलेंडर के अलावा जरूरी दवाइयों की पूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
आपातकाल में इन नंबरों पर संपर्क करें
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में तुरंत जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केन्द्र के दूरभाष नंबर 01905-226201, 202, 203,204, अथवा टोल फ्री 1077 नम्बर पर सूचित करें। आपदा प्रबंधन केन्द्र चौबीसों घंटे सक्रिय है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सर्दियों में आपदा प्रबंधन के लिए हर विभाग एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। उनका मोबाइल नंबर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ सांझा करेें। उन्होंने सर्दियों के दौरान भारी बारिश और बर्फबारी के कारण बंद होने वाली सड़कों को खोलने, बिजली और पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने से संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां सुरक्षा के लिहाज से विशेष ध्यान देने को भी कहा। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्व प्रबंध करने के आदेश दिए।
विज्ञापन
ये क्षेत्र सर्वाधिक संवेदनशील
जिले में चोहारघाटी, सराजघाटी, शिकारी देवी, कमरूनाग क्षेत्र, रोहांडा-पंडार, बरोट, पराशर, थुनाग, जंजैहली तथा गाढ़ागुसैणी आदि क्षेत्रों में अत्यधिक बर्फबारी होती है। इन क्षेत्रों में जनजीवन को सुचारू रखने और ग्रामीणों को बिजली-पानी और राशन उपलब्ध करवाने के साथ-साथ यातायात सहित हर प्रकार की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्रवण मांटा, जिला राजस्व अधिकारी राजीव सांख्यान सहित विभागों के जिला अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
विज्ञापन
ट्रैकरों पर नजर रखें विभाग
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे सर्दियों के दौरान बर्फबारी वाले इलाकों में जाने वाले पर्यटकों और ट्रैकरों पर नजर रखें, ताकि इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उपायुक्त ने ज्यादा बर्फबारी वाले क्षेत्रों में उचित मूल्य की दुकानों में 5 महीने का अग्रिम राशन, गैस सिलेंडर के अलावा जरूरी दवाइयों की पूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
आपातकाल में इन नंबरों पर संपर्क करें
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में तुरंत जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केन्द्र के दूरभाष नंबर 01905-226201, 202, 203,204, अथवा टोल फ्री 1077 नम्बर पर सूचित करें। आपदा प्रबंधन केन्द्र चौबीसों घंटे सक्रिय है।