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Mandi News: औषधीय पौधों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
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जोगिंद्रनगर में अश्वगंधा, एलोवेरा, तुलसी समेत औषधीय फसलों को मिलेगा बढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उत्तर भारत के क्षेत्रीय सुगमता केंद्र जोगिंद्रनगर ने किसानों को औषधीय पौधों की खेती से जोड़ने की पहल की है। पहले चरण में अश्वगंधा, एलोवेरा, जटामांसी, तुलसी और लैमन ग्रास की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं काला जीरा, कुठ जैसी दुर्लभ औषधीय फसलों की मंडी जिले में संभावनाओं पर भी परीक्षण चल रहा है।
आयुष विभाग की कार्यशाला में किसानों को औषधीय पौधों की वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण और विपणन की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मुरिंगा, तिमरू, निर्गुंडी और ब्राह्मी जैसे पौधों का प्रदर्शन भी किया। केंद्र प्रभारी डॉ. रविंद्र कौंडल ने बताया कि सात राज्यों के करीब 25 हजार किसान संस्थान से जुड़कर औषधीय खेती से लाभ कमा रहे हैं। जोगिंद्रनगर में भी औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों का बाजार विकसित करने की योजना है। विशेषज्ञों के अनुसार अश्वगंधा कम लागत में छह माह में तैयार हो जाता है, जबकि लेमन ग्रास तेल और एलोवेरा उत्पादों की आयुर्वेद व कॉस्मेटिक उद्योग में अच्छी मांग है। इन फसलों से किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में बेहतर आय की उम्मीद है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उत्तर भारत के क्षेत्रीय सुगमता केंद्र जोगिंद्रनगर ने किसानों को औषधीय पौधों की खेती से जोड़ने की पहल की है। पहले चरण में अश्वगंधा, एलोवेरा, जटामांसी, तुलसी और लैमन ग्रास की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं काला जीरा, कुठ जैसी दुर्लभ औषधीय फसलों की मंडी जिले में संभावनाओं पर भी परीक्षण चल रहा है।
आयुष विभाग की कार्यशाला में किसानों को औषधीय पौधों की वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण और विपणन की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मुरिंगा, तिमरू, निर्गुंडी और ब्राह्मी जैसे पौधों का प्रदर्शन भी किया। केंद्र प्रभारी डॉ. रविंद्र कौंडल ने बताया कि सात राज्यों के करीब 25 हजार किसान संस्थान से जुड़कर औषधीय खेती से लाभ कमा रहे हैं। जोगिंद्रनगर में भी औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों का बाजार विकसित करने की योजना है। विशेषज्ञों के अनुसार अश्वगंधा कम लागत में छह माह में तैयार हो जाता है, जबकि लेमन ग्रास तेल और एलोवेरा उत्पादों की आयुर्वेद व कॉस्मेटिक उद्योग में अच्छी मांग है। इन फसलों से किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में बेहतर आय की उम्मीद है।
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