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चक्कर मिल्क प्लांट में लगेगा हाइटेक दूध संयंत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Wed, 14 Sep 2016 11:31 PM IST
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जिला में दुग्ध उत्पादन लोगों का प्रमुख व्यवसाय बन रहा है। इसी के मद्देनजर मिल्कफेड ने मिल्क प्लांट चक्कर को आधुनिक रूप देने की योजना बनाई है। नई आधुनिक संयंत्र लगाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का प्रारूप बनाकर प्रदेश सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। प्रारूप को स्वीकृति मिलने के बाद चक्कर प्लांट में हाइटेक संयंत्र स्थापित कर दिया जाएगा।
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मिल्कफेड चक्कर स्थित मिल्क प्लांट में रोजाना लगभग 38 हजार लीटर दूध का एकत्रीकरण किया जा रहा है। दूध एकत्रीकरण के लिए मिल्क प्लांट के दायरे में 378 दुग्ध सहकारी सभाएं है। इसमें 87 महिला दुग्ध सहकारी सभाएं शामिल हैं जो सुबह दूध उत्पादकों से दूध एकत्र कर मिल्क प्लांट चक्कर को उपलब्ध करवाती है। लगभग 20 हजार दूध उत्पादक इन सहकारी इकाईयों के माध्यम से मिल्क प्लांट चक्कर के साथ जुड़े हैं। मिल्कफेड दूध उत्पादकों को दूध की गुणवत्ता के आधार पर कीमत अदा करता है, जो अधिकतम 30 रुपए प्रतिलीटर तक होती है।
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मिल्कफेड की ओर से मंडी जिला के सिध्याणी, भांबला, कोटली, कुन्नू, कटौला, तांदी, गियूं तथा लंबाथाच में दुग्ध अभिशीतन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर दूध एकत्रित किया जाता है। इसके अलावा गोहर, मझवाड़, देलग तथा जैदवी रूट पर मिल्कफेड गाड़ियों के माध्यम से उत्पादकों से सीधे दूध एकत्र करती है।
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दीपावली तथा अन्य त्योहारों पर देशी घी की मिठाइयां बनाकर बाजार में बेची जाती है, जिससे जहां लोगों को गुणवत्तायुक्त मिठाइयां प्राप्त होती हैं, वहीं मिल्कफेड को अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। चक्कर मिल्क प्लांट से दूध से घी, दही, पनीर तथा खोया निरंतर बनाया जा रहा है। मिल्कफेड की ओर से लोगों को डेयरी व्यवसाय की जानकारी देने के लिए समय-समय पर जागरूकता शिविरों का आयोजन भी किया जाता है।
मिल्कफेड मंडी यूनिट के प्रबंधक राकेश पाठक ने कहा कि आने वाले तीन सालों में मिल्कफेड मंडी यूनिट की ओर से अपने कार्य क्षेत्र में लगभग 30 करोड़ रुपये की राशि डेयरी गतिविधियों पर व्यय किए जाने की योजना है।