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बाल आश्रम सुंदरनगर के छात्र की पीजीआई में मौत
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सुंदरनगर (मंडी)। क्षेत्र में स्थित बाल आश्रम के छात्र की उपचार के दौरान पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि छात्र बीमार चल रहा था लेकिन मामले में परिजनों ने एक वरिष्ठ छात्र पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में पुलिस चौकी में मृतक बच्चे के मामा ने लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने आश्रम में जाकर बयान दर्ज किए हैं। शुक्रवार बाद दोपहर पुलिस थाना सुंदरनगर में मामा के साथ मिलकर ग्रामीणों ने जांच की मांग की है।
छात्र के मामा रमेश कुमार निवासी त्रियूही ने बताया कि उनके जीजा की मौत एक साल पहले हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने साढ़े 11 वर्षीय भांजे को बाल आश्रम में भेज दिया। पता चला कि वह बीमार चला हुआ है। उसके बाद उसे नागरिक अस्पताल सुंदरनगर उपचार के लिए भर्ती करवाया। तबीयत में सुधार न होने पर आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। यहां पीजीआई रेफर किया गया। वहां उसकी 30 अप्रैल को मौत हो गई। मामा ने बताया कि भांजे ने बाल आश्रम में उसके साथ हुई मारपीट का बयान दिया है। वीडियो में उसने कहा था कि उसके साथ रात को एक वरिष्ठ छात्र मारपीट करता था। पुलिस थाना में शुक्रवार को मामा के साथ चाचा सुरेंद्र कुमार, जड़ोल पंचायत प्रधान कर्म चंद, मुंशी राम, विजय कुमार, दिनेश व श्याम लाल सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। इधर, थाना प्रभारी गुरबचन सिंह ने बताया कि पुलिस चौकी में मृतक बच्चे के मामा ने शिकायत पत्र दिया है। इस पर बच्चों और शिक्षकों के बयान दर्ज किए हैं। बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट भी मंगवाई है। आश्रम के कार्यकारी अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि बच्चा बीमार चल रहा था। उसका हर जगह उपचार करवाया गया। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं।
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छात्र के मामा रमेश कुमार निवासी त्रियूही ने बताया कि उनके जीजा की मौत एक साल पहले हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने साढ़े 11 वर्षीय भांजे को बाल आश्रम में भेज दिया। पता चला कि वह बीमार चला हुआ है। उसके बाद उसे नागरिक अस्पताल सुंदरनगर उपचार के लिए भर्ती करवाया। तबीयत में सुधार न होने पर आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। यहां पीजीआई रेफर किया गया। वहां उसकी 30 अप्रैल को मौत हो गई। मामा ने बताया कि भांजे ने बाल आश्रम में उसके साथ हुई मारपीट का बयान दिया है। वीडियो में उसने कहा था कि उसके साथ रात को एक वरिष्ठ छात्र मारपीट करता था। पुलिस थाना में शुक्रवार को मामा के साथ चाचा सुरेंद्र कुमार, जड़ोल पंचायत प्रधान कर्म चंद, मुंशी राम, विजय कुमार, दिनेश व श्याम लाल सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। इधर, थाना प्रभारी गुरबचन सिंह ने बताया कि पुलिस चौकी में मृतक बच्चे के मामा ने शिकायत पत्र दिया है। इस पर बच्चों और शिक्षकों के बयान दर्ज किए हैं। बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट भी मंगवाई है। आश्रम के कार्यकारी अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि बच्चा बीमार चल रहा था। उसका हर जगह उपचार करवाया गया। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं।
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