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दिल्ली में चोर गिरोह घोड़ा गैंग के चार सदस्य दबोचे

Fri, 12 Oct 2018 11:13 PM IST
Updated Fri, 12 Oct 2018 11:13 PM IST
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दिल्ली में चोर गिरोह घोड़ा गैंग के चार सदस्य दबोचे
मंडी। शहर में चोरी की वारदातें रोकने में नाकाम रही मंडी पुलिस के हाथ चौबीस घंटे के भीतर ही शातिरों के गिरेबान तक पहुंच गए हैं। तीन दुकानों पर लाखों की चोरी करने वाले घोड़ा गैंग गिरोह के चार शातिरों को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह में छह से सात सदस्य होने की संभावना है। कुछ गिरफ्तारियां और भी सकती हैं। पुलिस ने आरोपियों से नौ किलोग्राम चांदी और तेरह लैपटाप बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि गैंग को बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की पुलिस तलाश रही है। ये चोर बिहार के घोड़ासन इलाके के रहने वाले हैं। इसी कारण गिरोह को घोड़ा गैंग नाम मिला है। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की। बताते हैं कि कुछ शातिरों को तो पगार तक भी दी जाती है। चोरी का सामान नेपाल या बांग्लादेश बेचा जाता है। मंडी पुलिस की एक टीम दिल्ली में डटी है। गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ की जा रही है। गिरोह के तार हिमाचल में कई बड़ी चोरियों से जुड़े हो सकते हैं। आरोपी वारदात के बाद नेपाल भाग जाते हैं।
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इस तरह से की चोरी
पुलिस के मुताबिक कुछ सदस्य वारदात करने से चार दिन पहले रात मंडी पहुंचे थे। यहां वे होटल में ठहरे। नौ अक्तूबर तक शहर की रेकी की। शातिर दो ग्रुप बनाकर होटलों में रहे। रेकी करने के बाद उन्होंने सुबह साढ़े तीन बजे से साढ़े चार बजे का समय चुना। सबसे पहले इन्होंने विश्वकर्मा मंदिर के साथ लगते पठानिया इंफोटेक शोरूम का शटर तोड़ा। वहां से 13 लैपटॉप चुराए। इसके बाद महामृत्युजंय मंदिर के समीप भारद्वाज बर्तन भंडार का शटर तोड़ा था। वहां से 3800 रुपये की नकदी चुराई। इंदिरा मार्केट के साथ लगते बिंद्रा ज्वेलर्स के शोरूम में वारदात को अंजाम दिया।
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सरगना शातिर, सैकड़ों युवा शामिल, बाकायदा पगार भी
गैंग में सैकड़ों युवा शामिल हैं। गैंग कई ग्रुप में काम करती है। एक ग्रुप को दूसरे का पता नहीं होता। सरगना चोरी की जगह प्लान करता है। ग्रुप भेजकर फिर रेकी करवाई जाती है। उसके बाद किंगपिन चोरी का दिन और समय तय करता है। उसी दिन दोनों ग्रुप आपस में संपर्क में आते है।
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