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फर्जी एजेंटों पर नकेल कसी होती तो ठगी का शिकार न होते युवा
Updated Wed, 05 Dec 2018 10:16 PM IST
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फर्जी एजेंटों पर नकेल कसी होती
तो ठगी का शिकार न होते युवा
लचर कानून व्यवस्था और बेरोजगारी का फायदा उठा झूठे सपने दिखा लुभाते हैं एजेंट
सैकड़ों युवा हो चुके हैं ठगी का शिकार, लगातार सामने आ रहे और मामले
बलविंद्र सोढी
सुंदरनगर (मंडी)। बेरोजगारी की मार और बार-बार ठगे जाने के बाद भी युवाओं में विदेश जाने की चाह खत्म नहीं हो रही है। अभी तक अनेकों बार हिमाचल के लोग फर्जी एजेंटों का शिकार होकर लाखों-करोड़ों रुपये गंवा चुके हैं। मंडी जिला में भी ही ऐसे कई मामले पिछले दो दशकों में सामने आ चुके है। वहीं, गलत तरीके से विदेश जाकर वहां उन्हें बंधक बनाने के मामले भी सामने हैं।
यह सब जानने के बाद भी एजेंटों के झूठे आश्वासनों में फंसकर युवा इराक, अफगानिस्तान और सीरिया जैसे देशों में जहां आईएसआईएस और तालिबानी आतंकियों का हर समय खतरा रहता है, मोटी तनख्वाह के झांसे में आकर काम करने चले जाते हैं। सुंदरनगर का बायला निवासी हेमराज और कुछ अन्य युवक जिनका आईएसआईएस ने 39 भारतीयों के साथ इराक में अपहरण कर लिया था के चार साल बाद जमीन में गढ़े अस्थि पिंजर ही मिले थे। बार-बार अनाधिकृत तौर पर तथाकथित एजेंट युवाओं को भ्रमित कर विदेश ले जा रहे हैं, लेकिन इन एजेंटों की धरपकड़ और गोरखधंधे को रोकने के लिए न तो सरकार कोई कदम उठा रही है और न पुलिस और प्रशासन की कोई एजेंसी। सुंदरनगर और बल्ह क्षेत्र में कई तथाकथित एजेंट लगातार सक्रिय हैं। इनके माध्यम से लोग मोटी रकम देकर विदेश जा रहे हैं। धोखाधड़ी की कई एफआईआर भी जिला में दर्ज हैं। जिन पर क्या कार्रवाई हुई है, इसका कोई पता नहीं है। पुलिस और प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण एक बार फिर हिमाचल के 12 लोगों सहित कुल 14 लोग एजेंटों के झांसे में आकर सऊदी अरब में फंस कर रह गए हैं। वहीं, अब ताजा घटनाक्रम में दो दर्जन और युवाओं को दुबई भेजने के नाम पर 85-85 हजार रुपये लेकर फर्जी दस्तावेज सौंपने का मामला सामने आया है। इस कारण उन्हें एयरपोर्ट से ही वापस लौटा दिया गया है। सऊदी अरब में फंसे हरजिंद्र सिंह और ठगी के शिकार हेमराज, पुष्प राज, चंदन और नेक चंद का कहना है कि तकनीकी रूप से दक्ष होने पर भी उन्हें यहां रोजगार नहीं मिला। इस कारण ही परिवार के भरण पोषण के लिए उन्हें विदेश जाने की लालसा हुई और वे ठगी का शिकार हो गए।
2010 में भी 80 युवाओं को लगा था एक करोड़ का चूना
वर्ष 2010 में मलेशिया और अफगानिस्तान में रोजगार दिलाने के लिए सुंदरनगर और बल्ह के 80 युवा चंडीगढ़ की एक ट्रैवल एजेंसी के झांसे में आकर एक करोड़ रुपये लुटा चुके हैं। इसे लेकर बीएसएल थाना में प्राथमिकी नवंबर 2010 में भी दर्ज हुई थी। उसके बाद सऊदी अरब में ही करीब 4 साल पहले बिना तनख्वाह काम करवाने का मामला भी आया था। जो एजेंट उन्हें लेकर गया था वह जब दोबारा यहां इंटरव्यू के लिए आया तो लोगों ने उसे दबोच के पुलिस के हवाले कर दिया था। उस मामले का भी आज तक कोई पता न चल सका। इसी तरह नेरचौक के भी एक एजेंट ने दशक भर पहले अजरबेजान और अन्य देशों में भेजने के नाम पर करीब 300 युवाओं को ठगा था। कबूतरबाजी का शिकार हुए युवाओं को न तो विदेश जाने का मौका मिला और न ही रकम वापसी। उधर, एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने कहा कि ऐसे एजेंटों पर शिकायत मिलने पर शिकंजा कसा जाता है। उन्होंने लोगों से फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विदेश जाने की ललक में कुछ लोग ऐसे फर्जी एजेंटों के नेटवक्र में आ जाते हैं।
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तो ठगी का शिकार न होते युवा
लचर कानून व्यवस्था और बेरोजगारी का फायदा उठा झूठे सपने दिखा लुभाते हैं एजेंट
सैकड़ों युवा हो चुके हैं ठगी का शिकार, लगातार सामने आ रहे और मामले
बलविंद्र सोढी
सुंदरनगर (मंडी)। बेरोजगारी की मार और बार-बार ठगे जाने के बाद भी युवाओं में विदेश जाने की चाह खत्म नहीं हो रही है। अभी तक अनेकों बार हिमाचल के लोग फर्जी एजेंटों का शिकार होकर लाखों-करोड़ों रुपये गंवा चुके हैं। मंडी जिला में भी ही ऐसे कई मामले पिछले दो दशकों में सामने आ चुके है। वहीं, गलत तरीके से विदेश जाकर वहां उन्हें बंधक बनाने के मामले भी सामने हैं।
यह सब जानने के बाद भी एजेंटों के झूठे आश्वासनों में फंसकर युवा इराक, अफगानिस्तान और सीरिया जैसे देशों में जहां आईएसआईएस और तालिबानी आतंकियों का हर समय खतरा रहता है, मोटी तनख्वाह के झांसे में आकर काम करने चले जाते हैं। सुंदरनगर का बायला निवासी हेमराज और कुछ अन्य युवक जिनका आईएसआईएस ने 39 भारतीयों के साथ इराक में अपहरण कर लिया था के चार साल बाद जमीन में गढ़े अस्थि पिंजर ही मिले थे। बार-बार अनाधिकृत तौर पर तथाकथित एजेंट युवाओं को भ्रमित कर विदेश ले जा रहे हैं, लेकिन इन एजेंटों की धरपकड़ और गोरखधंधे को रोकने के लिए न तो सरकार कोई कदम उठा रही है और न पुलिस और प्रशासन की कोई एजेंसी। सुंदरनगर और बल्ह क्षेत्र में कई तथाकथित एजेंट लगातार सक्रिय हैं। इनके माध्यम से लोग मोटी रकम देकर विदेश जा रहे हैं। धोखाधड़ी की कई एफआईआर भी जिला में दर्ज हैं। जिन पर क्या कार्रवाई हुई है, इसका कोई पता नहीं है। पुलिस और प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण एक बार फिर हिमाचल के 12 लोगों सहित कुल 14 लोग एजेंटों के झांसे में आकर सऊदी अरब में फंस कर रह गए हैं। वहीं, अब ताजा घटनाक्रम में दो दर्जन और युवाओं को दुबई भेजने के नाम पर 85-85 हजार रुपये लेकर फर्जी दस्तावेज सौंपने का मामला सामने आया है। इस कारण उन्हें एयरपोर्ट से ही वापस लौटा दिया गया है। सऊदी अरब में फंसे हरजिंद्र सिंह और ठगी के शिकार हेमराज, पुष्प राज, चंदन और नेक चंद का कहना है कि तकनीकी रूप से दक्ष होने पर भी उन्हें यहां रोजगार नहीं मिला। इस कारण ही परिवार के भरण पोषण के लिए उन्हें विदेश जाने की लालसा हुई और वे ठगी का शिकार हो गए।
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2010 में भी 80 युवाओं को लगा था एक करोड़ का चूना
वर्ष 2010 में मलेशिया और अफगानिस्तान में रोजगार दिलाने के लिए सुंदरनगर और बल्ह के 80 युवा चंडीगढ़ की एक ट्रैवल एजेंसी के झांसे में आकर एक करोड़ रुपये लुटा चुके हैं। इसे लेकर बीएसएल थाना में प्राथमिकी नवंबर 2010 में भी दर्ज हुई थी। उसके बाद सऊदी अरब में ही करीब 4 साल पहले बिना तनख्वाह काम करवाने का मामला भी आया था। जो एजेंट उन्हें लेकर गया था वह जब दोबारा यहां इंटरव्यू के लिए आया तो लोगों ने उसे दबोच के पुलिस के हवाले कर दिया था। उस मामले का भी आज तक कोई पता न चल सका। इसी तरह नेरचौक के भी एक एजेंट ने दशक भर पहले अजरबेजान और अन्य देशों में भेजने के नाम पर करीब 300 युवाओं को ठगा था। कबूतरबाजी का शिकार हुए युवाओं को न तो विदेश जाने का मौका मिला और न ही रकम वापसी। उधर, एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने कहा कि ऐसे एजेंटों पर शिकायत मिलने पर शिकंजा कसा जाता है। उन्होंने लोगों से फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विदेश जाने की ललक में कुछ लोग ऐसे फर्जी एजेंटों के नेटवक्र में आ जाते हैं।
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