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Mandi News: आपदा के जख्मों पर मरहम लगाने चुनाव आयोग के पास जाएंगे पार्षद

Wed, 20 Mar 2024 05:56 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Wed, 20 Mar 2024 05:56 AM IST
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Councilors will go to the Election Commission to heal the wounds of the disaster
मंडी। पिछले साल आपदा के दौरान नगर निगम क्षेत्र में हुए नुकसान की भरपाई को लेकर पार्षद अब जिला निर्वाचन आयोग मंडी के पास जाएंगे। बरसात से पहले जरूरी कार्यों के टेंडर लगाने की गुहार लगाई जाएगी। सोमवार को अमर उजाला में आपदा के जख्मों पर मरहम लगाना बना चुनौती शीर्षक से खबर के प्रकाशित होने के बाद नगर निगम मंडी के पार्षद हरकत में आए हैं।
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नेला वार्ड के पार्षद राजेंद्र मोहन ने बताया कि जल्द महापौर और अन्य सभी पार्षद जिला निर्वाचन अधिकारी से मिलेंगे। इस दौरान आपदा में हुए नुकसान वाले स्थानों पर जो राशि विभिन्न मदों से निगम के क्षेत्रों से प्राप्त हुई है, उसके टेंडर आदि लगाने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग से भी जिला निर्वाचन अधिकारी के जरिए इस संबंध में अनुरोध किया जाएगा। आचार संहिता चार जून तक है और जुलाई में बरसात शुरू हो जाएगी।
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उधर, पहले सिटीजन काउंसिल मंडी के प्रधान ओपी कपूर ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि पिछले साल आई आपदा के दौरान सड़कों, रास्तों को नुकसान होने के साथ विभिन्न स्थानों पर भू-स्खलन होने से रिहायशी घरों को भारी खतरा उत्पन्न हो गया है। इस पर कार्य भी हुआ है कि लेकिन अभी बहुत करना बाकी है। ऐसे में जिन स्थानों पर खतरे की अधिक संभावनाएं हैं, वहां के लिए धन उपलब्ध करवाया जाए। मंडी के थनेहड़ा मोहल्ले और टारना हिल में अभी भी हालात खतरे से खाली नहीं हैं। उन्होंने एनएचएआई से भी नगर निगम क्षेत्र में आते हाईवे को सुधारने के लिए लिखा है।
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पार्षद बोले- औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी काम शुरू नहीं हुए
पार्षद राजेंद्र मोहन ने बताया कि नगर निगम की आर्थिक स्थिति इतनी खराब नहीं है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया उसके बाद काम को अवाॅर्ड करने में कई महीने लग गए। पूरी औपचारिकताओं के बाद भी जमीन पर काम शुरू नहीं हुए हैं। इसके लिए जिला प्रशासन व राज्य सरकार जिम्मेवार नहीं है। पूरा कार्य निगम प्रशासन ने ही करना है। निगम को अपने फंड, राज्य व केंद्र सरकार से मिलने वाली ग्रांट के अलावा एमपी, एलईडी और उपयुक्त के माध्यम से राशि प्राप्त हुई है लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
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