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Mandi News: चेक बाउंस के आरोपी की सजा बरकरार

Thu, 15 Jun 2023 11:44 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jun 2023 11:44 PM IST
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Check bounce accused's sentence upheld
तीन माह कारावास और दो लाख पचास हजार रुपए हर्जाने की सुनाई सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। चेक बाउंस के मामले में अपीलीय अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय की सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी की अपील को निरस्त करने का फैसला सुनाया है। सत्र न्यायधीश के न्यायालय ने पधर तहसील के पाली गांव निवासी हिम्मत राम पुत्र तुलसी राम की अपील को खारिज करते हुए अधीनस्थ न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। अधीनस्थ न्यायलय ने पधर तहसील के पाली गांव निवासी हरीश चौहान पुत्र नरोतम चौहान की शिकायत पर आरोपी हिम्मत राम के खिलाफ चलाए गए अभियोग के साबित होने पर उसे तीन माह के साधारण कारावास और दो लाख पचास हजार रूपये हर्जाने की सजा सुनायी थी। इस मामले के तथ्यों के मुताबिक शिकायतकर्ता के आरोपी के साथ दोस्ताना संबंध थे। आरोपी ने शिकायतकर्ता से अपने व्यवसाय के लिए दो लाख रूपये उधार लिए। आरोपी ने इसके बदले में शिकायतकर्ता को एक चेक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने जब चेक को भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गया था। जिस पर शिकायतकर्ता ने एक नोटिस जारी करके आरोपी से राशि की मांग की थी। लेकिन आरोपी द्वारा राशि अदा न करने पर शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चेक बाउंस की शिकायत दायर की थी। अधीनस्थ न्यायालय ने शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर चैक बाउंस का अपराध साबित होने पर आरोपी को उक्त सजा का फैसला सुनाया था। आरोपी ने अधीनस्थ न्यायालय के फैसले को अपीलीय न्यायालय में चुनौती दी थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने यह चैक विधिक देनदारी के लिए शिकायतकर्ता को दिया था। जो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया था। जिसके चलते अधीनस्थ न्यायालय ने उसे चैक बाउंस के अपराध का दोषी माना था। अपीलीय अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय के निर्णय को सही करार देते हुए आरोपी को सुनाई गई उक्त सजा और हर्जाने का फैसला बरकरार रखते हुए अपील को निरस्त करने का फैसला सुनाया है।
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