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Mandi News: चैल-जंजैहली मुख्य सड़क का होगा कायाकल्प, 10 आधुनिक पुल भी बनेंगे
Thu, 12 Feb 2026 06:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 12 Feb 2026 06:50 AM IST
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थुनाग (मंडी)। आपदाग्रस्त सराज क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर है। हिमाचल सरकार के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार ने चैल-जंजैहली मुख्य सड़क के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण के लिए 137 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। यह परियोजना क्षेत्रवासियों के लिए विकास की नई किरण लेकर आएगी। यह सड़क पिछले साल की भीषण आपदा में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। अब यह मार्ग न केवल मजबूत बनेगा बल्कि यात्रा भी सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।
यह सड़क मुख्य रूप से गागल-चैलचौक-जंजैहली-छतरी नगाण को कवर करेगी, जिसमें कुल 56 किलोमीटर लंबाई का पुनर्वास कार्य होगा। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई मात्र 3 से 3.5 मीटर है, जो आवागमन में काफी असुविधा पैदा करती थी। अब इसे 5.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही आसान होगी और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा।
इस परियोजना की खास बात यह है कि सड़क पर 10 नए पुल बनाए जाएंगे। इनमें थुनाग बाजार, लंबाथाच के समीप गलशाकरा, थुनाड़ी, पांडव शीला, भूरणीनाला, हरनालानाल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पुल शामिल हैं। ये पुल स्टील केबल ब्रिज और कंपोजिट गर्डर ब्रिज की आधुनिक तकनीक से तैयार होंगे, जो लंबे समय तक टिकाऊ और मजबूत साबित होंगे। पुल निर्माण पर ही अकेले 35 से 40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जो कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी अपने गृह क्षेत्र होने के कारण इस मुद्दे को केंद्र तक पहुंचाया और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया था। उनकी पहल और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रयासों से केंद्र ने सीआरएफ (सेंट्रल रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड) के तहत यह राशि स्वीकृत की।
वहीं, लोक निर्माण विभाग मंडल सराज के अधिशासी अभियंता नितीश शर्मा ने बताया कि सड़क की डीपीआर तैयार कर अप्रूवल के लिए भेज दी गई है। जल्द ही कार्य शुरू होने की उम्मीद है। उधर, स्थानीय विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि यह परियोजना न केवल सराज क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजमर्रा की जरूरतों को भी बढ़ावा देगी। आपदा के बाद उठे चुनौतियों पर विजय पाकर सराज अब मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर तेजी से अग्रसर है। विकास की यह गति क्षेत्र में नई उम्मीदें जगाएगी और लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाएगी।
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यह सड़क मुख्य रूप से गागल-चैलचौक-जंजैहली-छतरी नगाण को कवर करेगी, जिसमें कुल 56 किलोमीटर लंबाई का पुनर्वास कार्य होगा। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई मात्र 3 से 3.5 मीटर है, जो आवागमन में काफी असुविधा पैदा करती थी। अब इसे 5.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही आसान होगी और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा।
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इस परियोजना की खास बात यह है कि सड़क पर 10 नए पुल बनाए जाएंगे। इनमें थुनाग बाजार, लंबाथाच के समीप गलशाकरा, थुनाड़ी, पांडव शीला, भूरणीनाला, हरनालानाल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पुल शामिल हैं। ये पुल स्टील केबल ब्रिज और कंपोजिट गर्डर ब्रिज की आधुनिक तकनीक से तैयार होंगे, जो लंबे समय तक टिकाऊ और मजबूत साबित होंगे। पुल निर्माण पर ही अकेले 35 से 40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जो कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी अपने गृह क्षेत्र होने के कारण इस मुद्दे को केंद्र तक पहुंचाया और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया था। उनकी पहल और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रयासों से केंद्र ने सीआरएफ (सेंट्रल रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड) के तहत यह राशि स्वीकृत की।
वहीं, लोक निर्माण विभाग मंडल सराज के अधिशासी अभियंता नितीश शर्मा ने बताया कि सड़क की डीपीआर तैयार कर अप्रूवल के लिए भेज दी गई है। जल्द ही कार्य शुरू होने की उम्मीद है। उधर, स्थानीय विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि यह परियोजना न केवल सराज क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजमर्रा की जरूरतों को भी बढ़ावा देगी। आपदा के बाद उठे चुनौतियों पर विजय पाकर सराज अब मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर तेजी से अग्रसर है। विकास की यह गति क्षेत्र में नई उम्मीदें जगाएगी और लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाएगी।