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Mandi News: नेरचौक मेडिकल कॉलेज में छह माह में बनकर तैयार होगी कैथ लैब
Sat, 08 Nov 2025 12:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 08 Nov 2025 12:22 AM IST
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नेरचौक (मंडी)। हिमाचल के मध्य में स्थापित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में अब अत्याधुनिक कैथ लैब की स्थापना होने जा रही है।
यह सुविधा अगले छह महीने के भीतर कॉलेज में तैयार हो जाएगी, जिससे हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के लिए यह एक मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के लिए 12 करोड़ की राशि स्वीकृत की है जबकि कुल 9.79 करोड़ रुपये का टेंडर लगा दिया है।
कैथ लैब निर्माण कार्य एचएलएल कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी और कॉलेज के बीच एमओयू साइन करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। समझौता पूरा होने के बाद कंपनी को 60 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा, जिसके पश्चात कंपनी छह माह के भीतर कैथ लैब लगाकर कॉलेज को सौंपेगी।
कैथ लैब की सुविधा उपलब्ध होने के बाद मेडिकल कॉलेज में हृदय रोगों से संबंधित इलाज में बड़ी राहत मिलेगी। मौजूदा समय में नेरचौक मेडिकल कॉलेज में ह्दय रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो गई है। अब संसाधनों को मजबूत किया जा रहा है।
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वर्तमान में प्रतिदिन 40 से 50 इको जांच की जा रही हैं। काफी हद तक राहत मरीजों को मिलेगी। कैथ लैब लगने से हृदय संबंधी बीमारियों का त्वरित निदान और उपचार संभव हो सकेगा। गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को अब इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों में भटकना नहीं पड़ेगा। इससे न केवल समय और धन की बचत होगी, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण इलाज सरकारी दरों पर अपने ही क्षेत्र में मिल सकेगा।
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यह सुविधा अगले छह महीने के भीतर कॉलेज में तैयार हो जाएगी, जिससे हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के लिए यह एक मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के लिए 12 करोड़ की राशि स्वीकृत की है जबकि कुल 9.79 करोड़ रुपये का टेंडर लगा दिया है।
कैथ लैब निर्माण कार्य एचएलएल कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी और कॉलेज के बीच एमओयू साइन करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। समझौता पूरा होने के बाद कंपनी को 60 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा, जिसके पश्चात कंपनी छह माह के भीतर कैथ लैब लगाकर कॉलेज को सौंपेगी।
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कैथ लैब की सुविधा उपलब्ध होने के बाद मेडिकल कॉलेज में हृदय रोगों से संबंधित इलाज में बड़ी राहत मिलेगी। मौजूदा समय में नेरचौक मेडिकल कॉलेज में ह्दय रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो गई है। अब संसाधनों को मजबूत किया जा रहा है।
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वर्तमान में प्रतिदिन 40 से 50 इको जांच की जा रही हैं। काफी हद तक राहत मरीजों को मिलेगी। कैथ लैब लगने से हृदय संबंधी बीमारियों का त्वरित निदान और उपचार संभव हो सकेगा। गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को अब इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों में भटकना नहीं पड़ेगा। इससे न केवल समय और धन की बचत होगी, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण इलाज सरकारी दरों पर अपने ही क्षेत्र में मिल सकेगा।