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Mandi News: मलबे में दबा सामान, रिश्तेदारों के घर कट रहीं रातें

Sat, 19 Sep 2026 06:09 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 06:09 AM IST
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Belongings buried in the debris; nights being spent at relatives' homes.
चुरढ़ में मलबे के नीचे दबे सामान को निकालते मजदूर। संवाद
सुंदरनगर (मंडी)। क्षेत्र के चुरड़ गांव में वीरवार को हुए भूस्खलन ने दो सगे भाइयों के आशियानों को असुरक्षित कर दिया है। दोनों सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। भूस्खलन के बाद मकान और आसपास का क्षेत्र असुरक्षित होने से परिवारों को रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी। प्रशासन ने तत्काल राहत के तौर पर तिरपाल उपलब्ध करवाए हैं।
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हादसा दिन के समय होने से बड़ा जानी नुकसान टल गया। प्रभावित मकानों के निचले तरफ सरकारी स्कूल भी है। अगर भूस्खलन रात के समय होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में पहले भी भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं। वर्ष 2023 में भी कई मकान इसकी चपेट में आए थे। अब ग्रामीण पूरे क्षेत्र का भूवैज्ञानिक सर्वे करवाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बरसाती पानी की उचित निकासी न होने से भी जमीन पर दबाव बढ़ रहा है।
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लोक निर्माण विभाग की सड़क के किनारे जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बरसात के दौरान पानी की निकासी सुनिश्चित करना जरूरी है। मौके पर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं। सड़क को भी जल्द बहाल करने की बात कही गई है।
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सुंदरनगर के एसडीएम अमर नेगी ने कहा कि परिवारों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया गया है। मलबा हटाया जा रहा है। जल्द बंद सड़क को खोल दिया जाएगा। अधिकारी मौके पर जाकर जायजा ले रहे हैं। राजस्व विभाग नुकसान का जायजा ले रहा है। हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है।
हादसे में मेरी जिंदगी भर की कमाई खत्म हो गई। करीब एक करोड़ रुपये लगाकर यह मकान बनाया था। अब वह रहने लायक नहीं है। मेरे पास दूसरा मकान बनाने के लिए न जगह है और न ही पूंजी। सरकार से मांग है कि मुझे और मेरे परिवार को सुरक्षित जगह पर बसाया जाए। -नंद लाल, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं प्रभावित
हादसे में मेरी चार दुकानें पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। मेरा घर भी दरारों से असुरक्षित हो गया है। आजकल परिवार के साथ रिश्तेदारों के पास रहना पड़ रहा है। अब समझ नहीं आ रहा है कि बच्चों का यह मकान फिर बन पाएगा या नहीं। प्रशासन से सिर्फ आश्वासन मिला है।


-ब्रेसतू राम, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं प्रभावित
इलाके में 2023 में कई मकान भूस्खलन की वजह से गिर चुके हैं। सरकार को इलाके का भूवैज्ञानिक सर्वे करवाना चाहिए, जिससे जमीन की मजबूती का पता चल सके। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग की बिना निकासी वाली सड़कें भी ऐसे खतरों के लिए जिम्मेदार हैं।
परस राम, पंचायत प्रधान, चुरड़ पंचायत
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