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सराज की पहाड़ियों पर 18 वर्ष बाद मार्च में हिमपात

Thu, 09 Mar 2017 06:05 PM IST
मंडी
मंडी Updated Thu, 09 Mar 2017 06:05 PM IST
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after eighteen year snow fall in march
सराज क्षेत्र के जंजैहली घाटी में सीढ़ी दार खेतों में ताजा हिमपात का दृश्य। - फोटो : अमर उजाला

मंडी/थुनाग/करसोग/बरोट/बालीचौकी। जिले के ऊपरी क्षेत्रों में हिमपात और मैदानों में बारिश से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मार्च माह में कम ऊंचाई वाले सराज के कई क्षेत्रों में 18 वर्ष के बाद बर्फबारी हुई है। जिससे बागबानों के चेहरे भी खिल गए हैं। मार्च माह में हो रहा हिमपात सेब के पौधों के लिए औषधि माना जाता है। जिससे बागबानों में बंपर पैदावार की उम्मीद भी जग गई है। जिले की कमरूघाटी, चौहारघाटी, जंजैहलीघाटी में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।

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सराज क्षेत्र में सबसे अधिक शिकारी देवी में 70 से 80 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। इसके अलावा जंजैहली की ऊंची चोटियों पर 15 से 20, मगरूगला व तुगांसी में 25 से 30 सेंटीमीटर हिमपात हुआ है। यहां पर मगरूगला-छतरी सड़क भी बाधित हो गई है। सराज में कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में थुनाग, जरोल, ढन्यार, रोड, भराड, लोट, लंबाथाच, सुनाह, निहरी, बुखलवार, केउली, बगलियारा, मगरूगला, रूमणी, बरयोगी, बीलागाड़, धरवारथाच, बागाचनौगी में बारिश से ठंड बढ़ गई है। थुनाग के बुजुर्ग बुद्धि राम,  सुंदर सिह और जंजैहली के भीखम राम का कहना है कि मार्च माह में करीब 18 साल बाद यहां बर्फबारी हुई है। 23 मार्च 1999 को सराज के जंजैहली थुनाग की ऊंची चोटियों पर बर्फ की मोटी चादर बिछी थी। यह हिमपात सेब की फसल व अन्य फसलों के लिए बहुत ही लाभदायक रहेगी। एसडीएम जंजैहली अश्वनी कुमार ने कहा कि मार्च माह में बर्फबारी से यहां पर पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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  उधर, बालीचौकी तथा करसोग क्षेत्र के तहत ऊंची चोटियों में बर्फ की चादर बिछ गई है। बरोट बाजार में आठ से दस सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है। वहीं से बरोट शहर से सटे गांवों रोलिंग, म्योट, खलैल, छोटी चौहार, छोटी झरवाड़, पंजौड, खवाण में 20 सेंटीमीटर तक हिमपात हुआ है। यहां पर बुधवार रात से हिमपात शुरू हो गया है। बुधवार रात से बरोट सबडिवीजन के तहत बरोट से म्योट बंद, बरोट-बड़ागांव, बरोट-लुहारड़ी तीन सड़कों पर यातायात बाधित हो गया है। बड़ागांव सड़क पर तीन निजी बसें फंस गई हैं। इसके अलावा विद्युत सब डिवीजन बरोट के तहत बुधवार रात से ही बिजली की आंख मिचौनी जारी है। चौहारघाटी और भंगाल क्षेत्र के एक दर्जन के लगभग गांवों में बुधवार से ही बत्ती गुल हो गई है। यहां पर 33 केवीए गवाली-टिक्कन बिजली लाइन में खराबी के चलते बोर्ड 11 केवीए गुम्मा टिक्कन बाईपास लाइन से बिजली की सप्लाई कर रहा है। एसडीओ विद्युत बोर्ड सब डिवीजन बरोट सुभाष चंद ने कहा कि गुम्मा से टिक्कन तक 11 केवीए की बाईपास लाइन से बिजली की सप्लाई की जा रही। गवाली से टिक्कन 32 केवीए लाइन को जल्द बहाल किया जाएगा। उधर, लोक निर्माण विभाग के झंटिगरी सब डिवीजन के एसडीओ अंकुश कुमार ने कहा कि सड़कों को जल्द बहाल किया जाएगा। बर्फबारी से यातायात बाधित है।

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