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महिलाओं ने जान जोखिम में डाल बुझाई आग

Wed, 28 Mar 2018 09:54 PM IST
Updated Wed, 28 Mar 2018 09:54 PM IST
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महिलाओं ने जान जोखिम में डाल बुझाई आग
- फोटो : अमर उजाला
बालीचौकी (मंडी)। सीएम जयराम ठाकुर के गृहक्षेत्र सराज में वन संपदा आग के ढेर पर है। न सड़क सुविधा और न फायर स्टेशन। आंखों के सामने आशियानों को जलते देखने की लोगों की विवशता। यह जिले के दुर्गम क्षेत्र सिराज की कहानी है। यहां पर लोग आंखों के सामने आशियाने जलते देखने को दशकों से विवश हैं। जीवनदायक माने जाने वाले जंगल यहां कई दिनों तक धूं-धूं कर जलते रहते हैं। दशकों से करोड़ों रुपये की संपत्ति यहां पर कई भीषण अग्निकांडों में राख हो गई है। ताजा मामले में बालीचौकी से 30 किमी दूर बुंगजलगाड़ पंचायत के नारायणगढ़ में जंगल 48 घंटे तक दहकता रहा और सूचना के बावजूद अधिकारी मौके पर पहुंचे तक नहीं। फायर ब्रिगेड का यहां पर पहुंचना नामुमकिन है। कारण है इस पंचायतों के कई गांवों का सड़क से अछूता होना। यहां से लारजी फायर स्टेशन करीब 40 किमी दूर है। लेकिन, जिस जंगल में आग लगी थी, वहां पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी का पहुंचना भी मुश्किल था। हर उम्मीद धराशायी होने पर आखिर महिला शक्ति ने जान जोखिम में डालकर कर जंगल में लगी आग को बुझाकर गांव को आग की चपेट में आने से बचाया। यहां से गांव महज 300 मीटर दूर है। कैप्टन लक्ष्मी सहगल महिला मंडल टिक्की की महिलाएं यदि जान जोखिम में डालकर आग को नहीं बुझाती तो यह गांव आग की चपेट में आ सकता था।
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सिराज में जल चुके हैं कई गांव
कुछ माह पहले ही इसी पंचायत के डाहर गांव में भीषण अग्निकांड से 33 परिवारों के आशियाने आंखों के सामने राख हो गए थे। करीब डेढ़ दशक केओली गांव भी पूरी तरह से जलकर राख हो गया था। लंबे अरसे से सिराज में फायर स्टेशन और फायर पोस्ट की मांग उठ रही है। लेकिन, अभी तक इस दिशा में सरकार कोई प्रयास नहीं कर सकी है।
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48 घंटे तक दहकता रहा नारायणगढ़ का जंगल
जानकारी के अनुसार मंगलवार को नारायणगढ़ जंगल में आग दहक गई थी। बुधवार तक आग इतनी भयंकर हो गई कि काबू पाना मुश्किल था। महिलाओं ने एकत्र होकर आग बुझाने के लिए प्रयास किया। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद महिलाओं ने हरे पत्तों से और जंगल में खाई खोद कर पेड़ों और झाड़ियों पर मिट्टी फेंक कर आग पर काबू पाया। कैप्टन लक्ष्मी सहगल महिला मंडल प्रधान नरोता देवी, सचिव शांता कुमारी, केशवू देवी, निर्मला देवी, मणी देवी, जैवंती देवी, बबली देवी, गीता देवी, लीला देवी सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं।
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पंचायत स्तर पर हो आग से निपटने के प्रबंध : प्रधान
ग्राम पंचायत बुंगजलगाड के प्रधान महेंद्र राणा ने कहा कि महिला मंडल की सदस्या महिलाएं बधाई की पात्र हैं और उन्होंने अपनी जान पर खेल कर बिना किसी सुविधा के जंगल की आग से रक्षा की है। महिला मंडल की सदस्य हर कार्य के लिए पंचायत में अग्रिम स्थान पर रहती हैं। महिलाओं को सरकार की ओर से इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के प्रशिक्षित करना चाहिए। वहीं, पंचायतों में आग से निपटने के लिए सामान मुहैया होना चाहिए। ताकि, जंगलों को आग से बचाया जा सके।


गार्ड से लेंगे जानकारी : आरओ
वन विभाग के आओ ज्ञान चंद ने बताया कि उन्हें मामले की सूचना नहीं है। गार्ड से इस बारे में जानकारी ली जाएगी। यदि कोताही बरती गई है तो इस मामले में अधिकारियों को सूचना दी जाएगी।

कोई जानकारी नहीं : तहसीलदार
तहसीलदार बालीचौकी अनिल कुमार ने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वन विभाग के अधिकारी ही इस बारे में कुछ बता सकते हैं।
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