फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   डीएलएड की शर्त न्याय संगत नहीं

डीएलएड की शर्त न्याय संगत नहीं

Fri, 02 Feb 2018 07:36 PM IST
Updated Fri, 02 Feb 2018 07:36 PM IST
विज्ञापन
डीएलएड की शर्त न्याय संगत नहीं
डीएलएड की शर्त न्याय संगत नहीं : संस्कृत शिक्षक
विज्ञापन

भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के आधार पर दिया जाए लाभ
राजेश बने संस्कृत शिक्षक परिषद के अध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
जोगिंद्रनगर (मंडी)।
प्रदेश राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद ब्लॉक इकाई जोगिंद्रनगर का गठन बृज मोहन शास्त्री की अध्यक्षता में किया गया। यह गठन जोगिंद्रनगर के बाल स्कूल में हुआ। इसमें अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार शास्त्री आदर्श कन्या पाठशाला जोगिंद्रनगर को प्रतिनियुक्त किया गया। इकाई के अन्य प्रमुख पदों पर उपाध्यक्ष मनोज कुमार शास्त्री टिक्करी मुशैहरा, सचिव नारायण शास्त्री योरा स्कूल, कोषाध्यक्ष पवन शास्त्री बाल स्कूल जोगिंद्रनगर को प्रतिनियुक्त किया गया। इकाई के गठन के बाद सभी शिक्षकों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की तथा प्रदेश सरकार से इन्हें पूरा करने का आग्रह किया। संस्कृत शिक्षकों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के आधार पर लाभ दिया जाए और सरकारी विद्यालयों में नियुक्त सभी संस्कृत शिक्षकों को डीएलएड करने के आदेश को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए, क्योंकि प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों (शिक्षक पात्रता परीक्षा टेट लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार) के अनुसार ही नियुक्त किया जाता है। अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि प्रदेश में संस्कृत शिक्षकों के भर्ती एवं पदोन्नति में अभी तक डीएलएड और बीएड का कोई वर्णन नहीं है। इसलिए नियुक्ति के इतने वर्षों के बाद डीएलएड की शर्त न्याय संगत नहीं है। डीएलएड 12वीं कक्षा पर आधारित डिप्लोमा है। जबकि संस्कृत शिक्षक एक पंचवर्षीय शास्त्री की डिग्री के स्नातक हैं। संस्कृत शिक्षक कई वर्षों तक अन्य जिलों में काम करने पर जब स्थानांतरण होकर 1-1 कोटे के तहत अपने जिले में पहुंचता है तो उसका वरिष्ठता लाभ समाप्त हो जाता है। अत: 1-1 स्थानांतरण कोटे को समाप्त करके प्रदेश सरकार की ओर से बनाए जा रहे नए स्थानांतरण एक्ट के तहत प्रदेश स्तर में समायोजित किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य को परम वैभव की ओर ले जाते हुए संस्कृत भाषा और शिक्षकों के साथ न्याय होगा और सरकार इन न्याय उचित मांगों को पूरा करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed