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देव हुरंग नारायण, देव पशाकोट की पूजा के साथ ही मेला शुरू
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:08 PM IST
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जोगिंद्रनगर (मंडी)।
जोगिंद्रनगर में चौहारघाटी के आराध्य बड़ादेयो देव हुरंग नारायण और वजीर देव पशाकोट की पूजा अर्चना के साथ लघु शिवरात्रि महोत्सव (मेला) शुरू हो गया। पांच दिन तक चलने वाले मेले के शुभारंभ में सभी गण्यमान्यों को पगड़ी पहनाई गई। इसके बाद रामलीला मैदान में देवताओं की पूजा अर्चन की गई। पूजा अर्चना के बाद वाद्य यंत्रों की ध्वनि के साथ देवताओं की जलेब निकली। इस दौरान भारी संख्या में जन सैलाब उमड़ा। जलेब ने पूरे शहर की परिक्रमा की। मेले के शुभारंभ के दौरान वन एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह, सांसद राम स्वरूप, स्थानीय विधायक प्रकाश राणा और मेला कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम अमित मैहरा मौजूद रहे। देवी-देवताओं के आगमन से जोगिंद्रनगर की धरती देवमयी हो गई। क्षेत्र के सभी देवी-देवताओं के मेले में आगमन से जोगिंद्रनगर क्षेत्र पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों से गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक रूप से सजे-धजे रथों पर सवार होकर दूर-दराज के क्षेत्रों से जोगिंद्रनगर पहुंचे इन देवी देवताओं के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एक वर्ष के अंतराल के बाद देव मिलन के आलौकिक दृष्यों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस मौके पर देव हुरंग नारायण और पशाकोट देवता के साथ आए देवलुओं की नाटी ने जोगिंद्रनगर में समां बांध दिया। रविवार को मेला शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं में देवी देवताओं के दर्शनों की भारी उत्सुकता बनी रही तथा दिन-भर लोग देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद लेने में मशगूल रहे।
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जोगिंद्रनगर में चौहारघाटी के आराध्य बड़ादेयो देव हुरंग नारायण और वजीर देव पशाकोट की पूजा अर्चना के साथ लघु शिवरात्रि महोत्सव (मेला) शुरू हो गया। पांच दिन तक चलने वाले मेले के शुभारंभ में सभी गण्यमान्यों को पगड़ी पहनाई गई। इसके बाद रामलीला मैदान में देवताओं की पूजा अर्चन की गई। पूजा अर्चना के बाद वाद्य यंत्रों की ध्वनि के साथ देवताओं की जलेब निकली। इस दौरान भारी संख्या में जन सैलाब उमड़ा। जलेब ने पूरे शहर की परिक्रमा की। मेले के शुभारंभ के दौरान वन एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह, सांसद राम स्वरूप, स्थानीय विधायक प्रकाश राणा और मेला कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम अमित मैहरा मौजूद रहे। देवी-देवताओं के आगमन से जोगिंद्रनगर की धरती देवमयी हो गई। क्षेत्र के सभी देवी-देवताओं के मेले में आगमन से जोगिंद्रनगर क्षेत्र पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों से गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक रूप से सजे-धजे रथों पर सवार होकर दूर-दराज के क्षेत्रों से जोगिंद्रनगर पहुंचे इन देवी देवताओं के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एक वर्ष के अंतराल के बाद देव मिलन के आलौकिक दृष्यों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस मौके पर देव हुरंग नारायण और पशाकोट देवता के साथ आए देवलुओं की नाटी ने जोगिंद्रनगर में समां बांध दिया। रविवार को मेला शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं में देवी देवताओं के दर्शनों की भारी उत्सुकता बनी रही तथा दिन-भर लोग देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद लेने में मशगूल रहे।
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