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शपथ पत्र और विभागीय शर्तो से लटकी 29 पूर्व सैनिकों के आश्रित की नौकरी
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:55 PM IST
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टिहरा (मंडी)। पूर्व सैनिकों के आश्रित दो वर्ष से नौकरी के इंतजार में हैं। लेकिन, विभागीय शर्तों और कोताही के चलते साक्षात्कार देने के दो वर्ष बाद भी यह अभ्यर्थी बेरोजगार हैं। विभाग ने शपथ पत्रों और शर्तों का हवाला देकर 29 पदों के लिए अभ्यर्थियों की नियुक्ति लटका दी है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2015 में पूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए टीजीटी मेडिकल के 115 पदों को बैचवाइज भरने के लिए अक्तूबर और नवंबर 2015 में जिलावार साक्षात्कार लिए थे। लेकिन, दो वर्ष बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से मात्र 86 पदों को ही भरा गया। जबकि, नियुक्ति की सारी प्रक्रियाएं बैचवाइज पैनल तैयार करके पूरी कर ली गई थीं। लेकिन, बाद में विभागीय अधिकारी शपथ पत्रों ओर शर्तों का हवाला देने लगे। 29 अभ्यर्थी यह शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाए और कुछ शर्तों को भी पूरा नहीं कर पाए। जिससे इनकी नियुक्ति विभाग ने लटका दी है। सरकार ने भी इन पदों को भरने के लिए चुप्पी साध रखी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा कि कुछ अभ्यर्थियों ने शपथ पत्र जमा नहीं करवाए हैं। जिस कारण औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाई। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नियमानुसार उनकी नियुक्ति हो जाएगी।
पदों को जल्द भरने की मांग उठाई
अभ्यर्थियों में नीरज, शीतल, सपना कुमारी, सुमन देवी, मीना, रीता ने कहा कि साक्षात्कार दिए दो वर्ष बीत गए हैं। लेकिन, अभी तक विभाग की लेटलतीफी और कोताही से वह असमंजस में हैं। आवेदकों के अभिभावकों में राजकुमार, सदीप ठाकुर, ज्ञान चंद, निर्मल सिंह, मनमोहन, राजमल ने कहा कि विभागीय शर्तों और लेटलतीफी के चलते अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर है। उन्होंने विभाग से जल्द पदों को भरने की मांग उठाई है ताकि, इन अभ्यर्थियों को नौकरी मिल सके।
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पदों को जल्द भरने की मांग उठाई
अभ्यर्थियों में नीरज, शीतल, सपना कुमारी, सुमन देवी, मीना, रीता ने कहा कि साक्षात्कार दिए दो वर्ष बीत गए हैं। लेकिन, अभी तक विभाग की लेटलतीफी और कोताही से वह असमंजस में हैं। आवेदकों के अभिभावकों में राजकुमार, सदीप ठाकुर, ज्ञान चंद, निर्मल सिंह, मनमोहन, राजमल ने कहा कि विभागीय शर्तों और लेटलतीफी के चलते अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर है। उन्होंने विभाग से जल्द पदों को भरने की मांग उठाई है ताकि, इन अभ्यर्थियों को नौकरी मिल सके।
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