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फोरलेन निर्माण से हो रहे नुकसान के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रभावित

Fri, 15 Feb 2019 10:35 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Feb 2019 10:35 PM IST
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फोरलेन निर्माण से हो रहे नुकसान के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रभावित
मंडी। औट पंचायत के प्रभावितों ने फोरलेन से हो रहे नुकसान से बचाने का हल निकालने की मांग को लेकर शहर में रैली निकाली और प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी भी हुई। इसके पश्चात प्रभावितों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री और एनएचएआई के अधिकारियों को ज्ञापन भेजा। इसमें उन्होंने सरकार से फोरलेन निर्माण से हो रहे नुकसान का शीघ्र समाधान करने की मांग की। प्रभावितों ने चेताया कि अगर तत्काल समस्या का समाधान नहीं हुआ तो प्रभावित संघर्ष तेज कर देंगे। इससे पूर्व सभी प्रभावितों ने पुलवामा में हुई आतंकी घटना की निंदा की और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। इस अवसर पर महेंद्र राणा, सुरेश सरवाल, रमेश कुमार, हरीश कुमार, हंसराज, सुंदरी देवी, हिमानी देवी, जयवंती और परसराम ने संबोधित किया। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि किसानों की अनदेखी बंद करे और इन समस्याओं का समाधान तत्काल किया जाए अन्यथा आने वाले समय में संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
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प्राकृतिक जलस्रोत सूखे
प्रभावितों का कहना है कि औट पंचायत के रूहादू, कमराधा, भुंज, डोगरा, मरशाल और बद्घीधार गांव में सुरंग निर्माण की वजह से प्राकृतिक जलस्रोत सूख चुके हैं। भूमि के नीचे जितनी नमी थी खत्म हो चुकी है जिससे सिंचाई का पानी, पीने का पानी दोनों की दिक्कत गांववासियों को आ रही है।
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घरों में आईं दरारें
ज्ञापन में कहा गया है कि रूहादू, कमराधा, भुज, डोगरा, मतेहल, बद्घीधार, नोहया और औट गांव में भारी विस्फोट की वजह से घरों में दरारें आ गई हैं। विस्फोटों से हो रहे नुकसान का आकलन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि इस नुकसान का आकलन करके किसानों को मुआवजा दिया जाए।
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प्रभावितों मिले रोजगार
फोरलेन निर्माण में लगी कंपनियों को स्थानीय नौजवानों को रोजगार देना चाहिए। अस्थायी शौचालय का निर्माण किया जाए। उन्होंने बताया कि काफी समय से औट पंचायत के किसान प्रशासन और राज्य सरकार को फोरलेन के निर्माण से होने वाले नुकसान को बता रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे विवश होकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
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