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मंडी से औट तक एनएच पर दरकते पहाड़ कहर बरपाने को तैयार
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:52 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी/नगवाईं। मनाली-चंडीगढ़ एनएच पर मंडी से औट तक दरकते पहाड़ बरसात में कहर बरपाने को तैयार हैं। जिला प्रशासन के प्रयास आईआईटी मंडी की ओर से ईजाद किए गए सेंसर अलर्ट सिस्टम तक सिमटे हैं। लेकिन, जाम में यह अलर्ट बेमानी ही साबित होगा। वहीं, एनएचएआई को जब से एनएच का जिम्मा मिला है, जाम का दायरा मीटर से मीलों तक बढ़ गया है। न तो बेहद संवेदनशील पहाड़ी दवाड़ा का प्रशासन इंतजाम कर पाया है, न ही हनोगी मंदिर से सटी पहाड़ियों की रॉक नटिंग हुई है। बरसात से पहले ही यहां पर दिनभर लग रहे जाम से अब सफर का जोखिम कई गुना बढ़ गया है। वहीं, जिला प्रशासन के प्रबंध आपदा से पहले निपटने के नहीं बल्कि बाद में राहत कार्य करने के हैं। यहां पर बेहद संवेदनशील दरकती पहाड़ियों की रॉक नटिंग अभी तक महज कागजों में ही है। इन दिनों कई किमी की लंबी लाइनों में फंसे वाहन अकसर एनएच पर देखे जा सकते हैं। अभी तक जिला प्रशासन के प्रबंध यहां पर पहाड़ियों के दरकने के बाद यातायात को मंडी-कुल्लू वाया बजौरा से शिफ्ट करने और लैंडस्लाइड को हटाकर सड़क को बहाल करने तक ही सीमित हैं। ऐसे में उफनती ब्यास और दरकती पहाड़ियों के बीच जोखिम भरा जाम आम नहीं जानलेवा साबित हो सकता है।
कई पर्यटक गंवा चुके है जान, प्रपोजल तक सिमटे प्रयास
पंडोह से औट तक एनएच का सफर बेहद खतरनाक है। यहां पर कई पर्यटक जान गंवा चुके हैं। हनोगी मंदिर के पास गत वर्ष भारी मात्रा में बड़ी चट्टानें गिरी थीं। जिससे मंदिर का मुख्य गेट और परिसर की सराय क्षतिग्रस्त हो गई थी। मनाली-चंडीगढ़ एनएच पर प्रशासन की तैयारी अभी तक महज कागजों में है। प्रशासन ने गत वर्ष हनोगी मंदिर के समीप गिरी चट्टानों के बाद प्रदेश सरकार को करोड़ों का एस्टिमेट बनाकर सौंपा था। जिसमें दवाड़ा और यहां पर पहाड़ियों की रॉक नटिंग की योजना समेत विस्तृत योजना तैयार की गई थी। लेकिन, प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।
डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर से तीखे सवाल
सवाल : एनएच पर रॉक नटिंग की योजना कहां तक पहुंची है।
जवाब : एनएच पर मंडी से औट तक पहाड़ियों को प्रोटेक्ट करने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई थी। इसका एस्टिमेट करोड़ों में है। इसके लिए प्रदेश सरकार को प्रपोजल भेजी गई है।
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सवाल : जाम का दायरा मीटर से किमी तक बढ़ गया है। निपटने के क्या इंतजाम हैं?
जवाब : इन दिनों फोरलेने के निर्माण का कार्य चल रहा है। सड़क बेहद तंग है। गत दिनों स्पॉट विजिट कर यहां पर जाम से निपटने के लिए अधिक मैन पॉवर तैनात की गई है। बरसात में इसे और बढ़ाया जाएगा।
सवाल : अचानक हल्की बारिश में दरकने वाली पहाड़ियों से बचाव के क्या प्रयास किए गए हैं?
जवाब : बेहद संवेदनशील दवाड़ा पहाड़ी में आईआईटी के इंजीनियरों की मदद से चेतावनी सिस्टम लगाया गया है। जोकि, पहाड़ी में जरा सी हलचल होने पर अलर्ट दे देगा। जिससे प्रशासन अलर्ट होकर व्यवस्था संभाल सकेगा।
सवाल : मीलों लंबा जाम लगा हो और पहाड़ी दरक जाए तो ये चेतावनी सिस्टम कितना प्रयोगी है?
जवाब : आजकल फोरलेन के निर्माण का कार्य चल रहा है। बारिश के दौरान फोरलेन का कार्य मौसम के अनुसार ही किया जाएगा। इस दौरान पुलिस, होमगार्ड जवान अधिक संख्या में तैनात किए जाएंगे।
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कई पर्यटक गंवा चुके है जान, प्रपोजल तक सिमटे प्रयास
पंडोह से औट तक एनएच का सफर बेहद खतरनाक है। यहां पर कई पर्यटक जान गंवा चुके हैं। हनोगी मंदिर के पास गत वर्ष भारी मात्रा में बड़ी चट्टानें गिरी थीं। जिससे मंदिर का मुख्य गेट और परिसर की सराय क्षतिग्रस्त हो गई थी। मनाली-चंडीगढ़ एनएच पर प्रशासन की तैयारी अभी तक महज कागजों में है। प्रशासन ने गत वर्ष हनोगी मंदिर के समीप गिरी चट्टानों के बाद प्रदेश सरकार को करोड़ों का एस्टिमेट बनाकर सौंपा था। जिसमें दवाड़ा और यहां पर पहाड़ियों की रॉक नटिंग की योजना समेत विस्तृत योजना तैयार की गई थी। लेकिन, प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।
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डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर से तीखे सवाल
सवाल : एनएच पर रॉक नटिंग की योजना कहां तक पहुंची है।
जवाब : एनएच पर मंडी से औट तक पहाड़ियों को प्रोटेक्ट करने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई थी। इसका एस्टिमेट करोड़ों में है। इसके लिए प्रदेश सरकार को प्रपोजल भेजी गई है।
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सवाल : जाम का दायरा मीटर से किमी तक बढ़ गया है। निपटने के क्या इंतजाम हैं?
जवाब : इन दिनों फोरलेने के निर्माण का कार्य चल रहा है। सड़क बेहद तंग है। गत दिनों स्पॉट विजिट कर यहां पर जाम से निपटने के लिए अधिक मैन पॉवर तैनात की गई है। बरसात में इसे और बढ़ाया जाएगा।
सवाल : अचानक हल्की बारिश में दरकने वाली पहाड़ियों से बचाव के क्या प्रयास किए गए हैं?
जवाब : बेहद संवेदनशील दवाड़ा पहाड़ी में आईआईटी के इंजीनियरों की मदद से चेतावनी सिस्टम लगाया गया है। जोकि, पहाड़ी में जरा सी हलचल होने पर अलर्ट दे देगा। जिससे प्रशासन अलर्ट होकर व्यवस्था संभाल सकेगा।
सवाल : मीलों लंबा जाम लगा हो और पहाड़ी दरक जाए तो ये चेतावनी सिस्टम कितना प्रयोगी है?
जवाब : आजकल फोरलेन के निर्माण का कार्य चल रहा है। बारिश के दौरान फोरलेन का कार्य मौसम के अनुसार ही किया जाएगा। इस दौरान पुलिस, होमगार्ड जवान अधिक संख्या में तैनात किए जाएंगे।