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डेपुटेशन के सहारे चल रहा चुलाथाच स्कूल
Updated Fri, 01 Dec 2017 09:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बालीचौकी (मंडी)। सिराज विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा विभाग के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के वादे खोखले साबित हो रहे हैं। कई स्कूलों का दर्जा तो बढ़ा दिया गया है लेकिन, अध्यापक न होने के कारण सिराज क्षेत्र की पाठशालाएं डेपुटेशन और एक-एक अध्यापक के सहारे चल रही हैं। क्षेत्र की दर्जनों पाठशालाओं में अध्यापकों की कमी का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
सिराज क्षेत्र के राजकीय माध्यमिक पाठशाला घाट और चुलाथाच में अध्यापक न होने के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। शिक्षा खंड सिराज की राजकीय प्राथमिक पाठशाला चुलाथाच का मार्च 2016 में सरकार ने दर्जा तो बढ़ाया लेकिन सरकार यहां अध्यापकों को भेजना भूल गई। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी यह पाठशाला बिना अध्यापकों के चल रही है। स्कूल की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए डेपुटेशन पर अध्यापक ड्यूटी दे रहे हैं। स्कूल में टीजीटी आर्ट्स समेत तीन शिक्षकों के पद खाली हैं। वहीं, राजकीय माध्यमिक पाठशाला घाट का भी यही हाल है। यहां पर टीजीटी मेडिकल, टीजीटी आर्ट्स सहित कई पद रिक्त हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ रहे छात्र मात्र पाठशाला में मिड डे मील खाकर ही वापस लौट आते हैं। स्थानीय लोगों दिनेश कुमार, हेत राम, शेष राम, मस्त राम, चंद्रेश कुमार और नीलम ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि जल्द यहां पर शिक्षकों की तैनाती की जाए। उधर, ग्राम पंचायत घाट के प्रधान राजू राम ने कहा कि चुलाथाच स्कूल में 32 छात्र-छात्राएं और घाट स्कूल में 197 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन, अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक केडी शर्मा ने कहा कि मामला विभाग के ध्यान में है। अध्यापकों की कमी के कारण सिराज क्षेत्र की पाठशालाओं में अध्यापक तैनात नहीं हो पाए हैं। अध्यापकों की भर्ती का रिजल्ट अभी आचारसंहिता के दौरान रुका है। आचारसंहिता खत्म होने के तुरंत बाद अध्यापकों की तैनाती की जाएगी।
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बालीचौकी (मंडी)। सिराज विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा विभाग के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के वादे खोखले साबित हो रहे हैं। कई स्कूलों का दर्जा तो बढ़ा दिया गया है लेकिन, अध्यापक न होने के कारण सिराज क्षेत्र की पाठशालाएं डेपुटेशन और एक-एक अध्यापक के सहारे चल रही हैं। क्षेत्र की दर्जनों पाठशालाओं में अध्यापकों की कमी का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
सिराज क्षेत्र के राजकीय माध्यमिक पाठशाला घाट और चुलाथाच में अध्यापक न होने के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। शिक्षा खंड सिराज की राजकीय प्राथमिक पाठशाला चुलाथाच का मार्च 2016 में सरकार ने दर्जा तो बढ़ाया लेकिन सरकार यहां अध्यापकों को भेजना भूल गई। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी यह पाठशाला बिना अध्यापकों के चल रही है। स्कूल की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए डेपुटेशन पर अध्यापक ड्यूटी दे रहे हैं। स्कूल में टीजीटी आर्ट्स समेत तीन शिक्षकों के पद खाली हैं। वहीं, राजकीय माध्यमिक पाठशाला घाट का भी यही हाल है। यहां पर टीजीटी मेडिकल, टीजीटी आर्ट्स सहित कई पद रिक्त हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ रहे छात्र मात्र पाठशाला में मिड डे मील खाकर ही वापस लौट आते हैं। स्थानीय लोगों दिनेश कुमार, हेत राम, शेष राम, मस्त राम, चंद्रेश कुमार और नीलम ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि जल्द यहां पर शिक्षकों की तैनाती की जाए। उधर, ग्राम पंचायत घाट के प्रधान राजू राम ने कहा कि चुलाथाच स्कूल में 32 छात्र-छात्राएं और घाट स्कूल में 197 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन, अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक केडी शर्मा ने कहा कि मामला विभाग के ध्यान में है। अध्यापकों की कमी के कारण सिराज क्षेत्र की पाठशालाओं में अध्यापक तैनात नहीं हो पाए हैं। अध्यापकों की भर्ती का रिजल्ट अभी आचारसंहिता के दौरान रुका है। आचारसंहिता खत्म होने के तुरंत बाद अध्यापकों की तैनाती की जाएगी।
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