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सुकेत संघर्ष समिति ने टाला रैली का फैसला
Updated Thu, 13 Dec 2018 11:20 PM IST
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करसोग (मंडी)। पांगणा से लोक निर्माण विभाग का उपमंडल कार्यालय निहरी बदलने के खिलाफ वीरवार को सुकेत संघर्ष समिति की बैठक हुई। इसमें महामाया सुकेत संघर्ष समिति, सभी दलों के कार्यकर्ता, विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, व्यापार मंडल के सदस्य और अन्य सामाजिक संगठन शामिल रहे। बैठक में सभी की सहमति से फैसला लिया गया कि इस मुद्दे पर राजनीति न कर एक साथ मिलकर संघर्ष करना चाहिए। सुकेत संघर्ष समिति ने पहले शांतिपूर्वक रैली निकालने का निर्णय लिया था, परंतु मुख्यमंत्री के दिए गए आश्वासन पर सहमति जताते हुए रैली निकालने का निर्णय फिलहाल टाल दिया गया है। संघर्ष समिति ने सरकार को 31 दिसंबर तक उपमंडल कार्यालय को बहाल करने का समय दिया है। बैठक के बाद सभी ग्रामवासियों, पंचायत प्रतिनिधियों, व्यापार मंडल के सदस्यों ने उप मंडल कार्यालय की बहाली के लिए नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। भइस दौरान पांगणा बाजार करीब चार घंटे तक बंद रहा। उपमंडल करसोग के ऐतिहासिक गांव पांगणा से लोक निर्माण विभाग का उपमंडल कार्यालय निहरी बदलने को लेकर पांगणा के लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि यहां से धीरे-धीरे हर संस्थान को हटाया जा रहा है। पहले यहां से को-ऑपरेटिव बैंक की फुल ब्रांच, आईपीएच का जेई सेक्शन, पॉलिटेक्निकल कॉलेज और हाल ही में लोक निर्माण विभाग का सब डिवीजन भी हटाया गया है। लोगों का कहना है कि यदि सरकार चाहती तो निहरी में अलग कार्यालय खोल सकती थी। सब डिवीजन की बहाली के लिए सुकेत संघर्ष कमेटी का गठन किया जा चुका है।
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