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10-10 दिन एसडीएम बैठाने पर नहीं बनी सहमति
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:52 PM IST
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मंडी/गोहर। शिवरात्रि के शुभारंभ से पहले जंजैहली प्रकरण में भड़के लोगों को शांत करने की मंत्री महेंद्र सिंह की मध्यस्थता महज दो दिन ही काम आई। ओकओवर बैठक में पहुंचे सिराज संघर्ष समिति और जंजैहली के लोगों और सरकार में प्रदर्शन शांत करने को लेकर सहमति नहीं बनी है। जिससे कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह की मध्यस्थता असफल हो गई है। सिराज संघर्ष समिति का कहना है कि शिवरात्रि के शुभारंभ से पहले महेंद्र सिंह सरकार की तरफ से मध्यस्थता करने आए थे। सहमति एसडीएम के 10 दिन थुनाग, 10 दिन जंजैहली और 10 दिन बालीचौकी में बैठाने की बनी थी। लेकिन, शुक्रवार रात को हुई बैठक में इसे लेकर मनाही हो गई। ऐसे में सरकार की ओर से डैमेज कंट्रोल के लिए जंजैहली पहुंचे मंत्री महेंद्र सिंह भी जंजैहली एसडीएम कार्यालय के विवाद को सुलझा नहीं सके हैं। जिससे शुक्रवार को करीब 3 घंटे चली सीएम और सिराज संघर्ष समिति की बैठक बेनतीजा रही।
कहा, सरकार कुछ नहीं कर सकती, मामला कोर्ट का है
बैठक में जंजैहली से तुंगाधार पंचायत की पूर्व प्रधान जस्सी देवी के साथ कुछ अन्य लोग सीएम के बुलावे पर शिमला पहुंचे थे। जहां मुख्यमंत्री ने जंजैहली एसडीएम कार्यालय के बारे में काफी देर तक चर्चा की। लेकिन बात पूर्व की वार्ता की भांति एक जगह पर अड़ी रही। हालांकि, सिराज संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि शिमला पहुंचे समिति के सदस्यों को मुख्यमंत्री ने यह कहकर किनारे कर दिया कि मामला कोर्ट का है, सरकार इसमें कुछ नहीं कर सकती है। मुख्यमंत्री ने उनके साथ संतोषजनक बात इस मुद्दे को लेकर नहीं की। जिससे जंजैहली के लोगों को आश्वासन के बावजूद पछतावा मिला है।
एसडीएम कार्यालय को लेकर समिति की जंग जारी रहेगी
वहीं संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र रेड्डी ने कहा कि एसडीएम के 10 दिन थुनाग, 10 दिन जंजैहली और 10 दिन बालीचौकी में बैठाने पर सहमति नहीं बनी है। मंत्री महेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद भी मामला जस का तस खड़ा है। सीएम पूरे सिराज में समर्थन और समिति के खिलाफ प्रदर्शन कर लें लेकिन जंजैहली में प्रदर्शन करके दिखाएं। समिति के संयोजक जगदीश रेड्डी ने कहा है कि सरकार जितानी ताकत लगा दे लेकिन जंजैहली एसडीएम कार्यालय को लेकर समिति की जंग जारी रहेगी।
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कहा, सरकार कुछ नहीं कर सकती, मामला कोर्ट का है
बैठक में जंजैहली से तुंगाधार पंचायत की पूर्व प्रधान जस्सी देवी के साथ कुछ अन्य लोग सीएम के बुलावे पर शिमला पहुंचे थे। जहां मुख्यमंत्री ने जंजैहली एसडीएम कार्यालय के बारे में काफी देर तक चर्चा की। लेकिन बात पूर्व की वार्ता की भांति एक जगह पर अड़ी रही। हालांकि, सिराज संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि शिमला पहुंचे समिति के सदस्यों को मुख्यमंत्री ने यह कहकर किनारे कर दिया कि मामला कोर्ट का है, सरकार इसमें कुछ नहीं कर सकती है। मुख्यमंत्री ने उनके साथ संतोषजनक बात इस मुद्दे को लेकर नहीं की। जिससे जंजैहली के लोगों को आश्वासन के बावजूद पछतावा मिला है।
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एसडीएम कार्यालय को लेकर समिति की जंग जारी रहेगी
वहीं संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र रेड्डी ने कहा कि एसडीएम के 10 दिन थुनाग, 10 दिन जंजैहली और 10 दिन बालीचौकी में बैठाने पर सहमति नहीं बनी है। मंत्री महेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद भी मामला जस का तस खड़ा है। सीएम पूरे सिराज में समर्थन और समिति के खिलाफ प्रदर्शन कर लें लेकिन जंजैहली में प्रदर्शन करके दिखाएं। समिति के संयोजक जगदीश रेड्डी ने कहा है कि सरकार जितानी ताकत लगा दे लेकिन जंजैहली एसडीएम कार्यालय को लेकर समिति की जंग जारी रहेगी।
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