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कमरुनाग को नजरबंद कर गूर ने जगाया पवित्र झील का देवता
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। शिकारी देवी से लौटने के बाद बड़ा देव कमरुनाग की मूर्ति को नजरबंद कर अर्थात लेप लगाकर देवता की पवित्र झील के देवता को शनिवार रात को जगाया गया। देवता के गूर ने रात के अंधेरे में झील की परिक्रमा की और कमरुनाग झील के देवता को पुकारने के बाद देवता के देवलू को खेल आ गई। जिसके बाद खेल कर रहे देवलू में प्रकट हुए झील देवता से बड़ा देव कमरुनाग के गूर ने बात की और हार द्वार की रक्षा करने का आशीर्वाद लिया। शनिवार रात की जाग के बाद रविवार सुबह कमरुनाग झील की सफाई का काम शुरू किया गया। हर तीन साल बाद कमरुनाग झील की सफाई का काम होता है। इस साल देवता का नया सूरजपखा भी बनाया गया है। जो लगातार 5 दिन देव कमरुनाग मंदिर में विराजमान रहेगा। पंचायत प्रधान मान सिंह ने झील की सफाई का काम शुरू होने की पुष्टि की है। वहीं, कारदार निर्मल सिंह ठाकुर ने बताया कि झील की सफाई के दौरान झील में गए लोग आपस मे कोई बात नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इशारों में झील की सफाई के दौरान बात होगी। देवता की पवित्र झील की सफाई के लिए भारी संख्या में लोग कमरुनाग पहुंच गए हैं। देवता की पवित्र झील में स्नान नहीं किया जाता है, बल्कि इसमें लोग मन्नत पूरी होने पर सोना, चांदी और सिक्के चढ़ाते हैं। हर तीन साल बाद देवता की पवित्र झील की सफाई होती है। इस दौरान देवलू झील में प्रवेश करते हैं। आगामी पांच दिन तक कमरुनाग में झील की सफाई के लिए भारी संख्या में भक्तों के पहुंचने का अंदेशा हैं। देवता का नया सूरजपखा भी मंदिर में विराजमान है। जिसके दर्शनों के लिए भी लोग देवता के मंदिर में जमकर हाजिरी भर रहे हैं।
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मंडी। शिकारी देवी से लौटने के बाद बड़ा देव कमरुनाग की मूर्ति को नजरबंद कर अर्थात लेप लगाकर देवता की पवित्र झील के देवता को शनिवार रात को जगाया गया। देवता के गूर ने रात के अंधेरे में झील की परिक्रमा की और कमरुनाग झील के देवता को पुकारने के बाद देवता के देवलू को खेल आ गई। जिसके बाद खेल कर रहे देवलू में प्रकट हुए झील देवता से बड़ा देव कमरुनाग के गूर ने बात की और हार द्वार की रक्षा करने का आशीर्वाद लिया। शनिवार रात की जाग के बाद रविवार सुबह कमरुनाग झील की सफाई का काम शुरू किया गया। हर तीन साल बाद कमरुनाग झील की सफाई का काम होता है। इस साल देवता का नया सूरजपखा भी बनाया गया है। जो लगातार 5 दिन देव कमरुनाग मंदिर में विराजमान रहेगा। पंचायत प्रधान मान सिंह ने झील की सफाई का काम शुरू होने की पुष्टि की है। वहीं, कारदार निर्मल सिंह ठाकुर ने बताया कि झील की सफाई के दौरान झील में गए लोग आपस मे कोई बात नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इशारों में झील की सफाई के दौरान बात होगी। देवता की पवित्र झील की सफाई के लिए भारी संख्या में लोग कमरुनाग पहुंच गए हैं। देवता की पवित्र झील में स्नान नहीं किया जाता है, बल्कि इसमें लोग मन्नत पूरी होने पर सोना, चांदी और सिक्के चढ़ाते हैं। हर तीन साल बाद देवता की पवित्र झील की सफाई होती है। इस दौरान देवलू झील में प्रवेश करते हैं। आगामी पांच दिन तक कमरुनाग में झील की सफाई के लिए भारी संख्या में भक्तों के पहुंचने का अंदेशा हैं। देवता का नया सूरजपखा भी मंदिर में विराजमान है। जिसके दर्शनों के लिए भी लोग देवता के मंदिर में जमकर हाजिरी भर रहे हैं।