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मंडी व्यापार मंडल के चुनाव का बजा बिगुल
Updated Mon, 12 Mar 2018 11:00 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। प्रदेश में सत्ता पलटने और करीब ढाई दशक के अरसे के बाद मंडी शहर में व्यापारियों में बगावती सुर उठने के बाद व्यापार मंडल के चुनावों का बिगुल आखिर बज गया है। शहर में व्यापारियों के दो धड़ों में चुनाव की तैयारी हो रही है। यदि दोनों धड़ों में मिलकर चलने की सहमति नहीं बनती है तो समानांतर व्यापार मंडलों का भी गठन हो सकता है। एक ओर जहां वर्तमान व्यापार मंडल ने आगामी दो दिन के भीतर व्यापार मंडल से संबंधित एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बैठक कर चुनावों की तिथि तय करने का निर्णय लिया है। वहीं, इन व्यापारियों ने आगामी रविवार को चुनाव करने का एलान कर दिया है। शहर में कई एसोसिएशन के प्रतिनिधि चुनाव को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। इससे करीब 22 वर्षों से वर्चस्व कायम करने वाले व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को सीधी चुनौती मिली है। शहर में विभिन्न व्यापारिक संगठन पहले ही वर्तमान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के ऊपर निष्क्रियता का आरोप लगाकर नए व्यापार मंडल के गठन का एलान कर दिया है। वहीं, इस चुनौती को स्वीकारते हुए ही वर्तमान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बैठक कर आगामी दो दिनों में बैठक कर चुनाव की तिथि तय करने का निर्णय लिया है। वर्तमान व्यापार मंडल में करीब 750 व्यापारी सदस्य हैं। जबकि, शहर में वर्तमान में व्यापारियों की संख्या हजारों में है।
इन कारणों से बिफरे व्यापारी
व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि मंडी शहर में मंडी शिवरात्रि के दौरान पड्डल मैदान में सात दिन के बजाए एक महीने तक दुकानें लगी रहती हैं। वहीं, रेडक्रॉस मेला पहले एक दिन का होता था, लेकिन उसके के लिए भी पहले एक सप्ताह फिर एक महीना तक दुकानें लगी रहती हैं। व्यापारियों का कहना है कि कभी गांधी भवन तो कभी विश्वकर्मा मंदिर, कभी इंदिरा मार्केट की छत पर सेल लगाकर व्यापारियों के व्यापार को चौपट किया जाता है। मेले में आने वाले व्यापारी टैक्स भी अदा नहीं करते हैं और सारी सुविधाएं भी लेते हैं। व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान व्यापार मंडल की निष्क्रियता के चलते ही अब व्यापारियों ने खुद अपनी लड़ाई लड़ने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है।
वर्ष 1996 में हुए थे चुनाव
वर्ष 1996 में व्यापार मंडल का गठन किया गया था। इस दौरान महासचिव पद के लिए वोटिंग हुई थी। जबकि, प्रधान, उपप्रधान और सह सचिव पदों पर आम सहमति से चयन किया गया था। अब 22 साल बाद फिर एक बार सीधे चुनाव की संभावना बढ़ गई है। अब यह चुनाव सीधे होंगे या सर्वसहमति से, इसका फैसला भी जल्द लिया जा सकता है।
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सभी व्यापारियों को एक साथ लेकर चलेंगे : कपूर
व्यापार मंडल मंडी के प्रधान अशोक कपूर ने निष्क्रियता के आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा कि गत 15 दिनों से वह पड्डल से दुकानों को हटाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन को लिखित तौर पर पड्डल से दुकानें हटाने की मांग की गई थी। हर स्तर पर सेल और मेलों को तय समय के बाद चलाने का विरोध व्यापार मंडल ने किया है। व्यापार मंडल के महासचिव राजा महेंद्र ने कहा कि सभी व्यापारियों को साथ लेकर चुनाव किया जाएगा। आगामी दो दिन में मंडल से जुड़ी सभी एसोसिएशन के पदाधिकारियों को सूचित कर चुनाव की तिथि तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर ट्रेड के संगठनों को वर्तमान व्यापार मंडल में पहले से ही जगह दी गई है।
हर ट्रेड के प्रतिनिधियों करेंगे प्रतिनिधित्व : भगवंत
इंदिरा मार्केट एसोसिएशन के प्रधान भगवंत सिंह ने कहा कि मेलों और सेल के नाम पर शहर में व्यापारियों को चपत लग रही है। इससे व्यापारियों में रोष व्याप्त है। वर्ष 1996 में दो वर्ष के लिए चुनाव हुए थे। यदि वर्तमान व्यापार मंडल मिलकर व्यापार मंडल का गठन करना चाहता है तो वह इसका भी स्वागत करेंगे। लेकिन, नए व्यापार मंडल हर ट्रेड की एसोसिएशन के दो प्रतिनिधियों को शामिल कर रहा है। वर्तमान व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी अपने ट्रेड से दो पदाधिकारी चुनें। उन्हें भी व्यापार मंडल में जगह दी जाएगी। आगामी रविवार को चुनाव किए जाएंगे।
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मंडी। प्रदेश में सत्ता पलटने और करीब ढाई दशक के अरसे के बाद मंडी शहर में व्यापारियों में बगावती सुर उठने के बाद व्यापार मंडल के चुनावों का बिगुल आखिर बज गया है। शहर में व्यापारियों के दो धड़ों में चुनाव की तैयारी हो रही है। यदि दोनों धड़ों में मिलकर चलने की सहमति नहीं बनती है तो समानांतर व्यापार मंडलों का भी गठन हो सकता है। एक ओर जहां वर्तमान व्यापार मंडल ने आगामी दो दिन के भीतर व्यापार मंडल से संबंधित एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बैठक कर चुनावों की तिथि तय करने का निर्णय लिया है। वहीं, इन व्यापारियों ने आगामी रविवार को चुनाव करने का एलान कर दिया है। शहर में कई एसोसिएशन के प्रतिनिधि चुनाव को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। इससे करीब 22 वर्षों से वर्चस्व कायम करने वाले व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को सीधी चुनौती मिली है। शहर में विभिन्न व्यापारिक संगठन पहले ही वर्तमान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के ऊपर निष्क्रियता का आरोप लगाकर नए व्यापार मंडल के गठन का एलान कर दिया है। वहीं, इस चुनौती को स्वीकारते हुए ही वर्तमान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बैठक कर आगामी दो दिनों में बैठक कर चुनाव की तिथि तय करने का निर्णय लिया है। वर्तमान व्यापार मंडल में करीब 750 व्यापारी सदस्य हैं। जबकि, शहर में वर्तमान में व्यापारियों की संख्या हजारों में है।
इन कारणों से बिफरे व्यापारी
व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि मंडी शहर में मंडी शिवरात्रि के दौरान पड्डल मैदान में सात दिन के बजाए एक महीने तक दुकानें लगी रहती हैं। वहीं, रेडक्रॉस मेला पहले एक दिन का होता था, लेकिन उसके के लिए भी पहले एक सप्ताह फिर एक महीना तक दुकानें लगी रहती हैं। व्यापारियों का कहना है कि कभी गांधी भवन तो कभी विश्वकर्मा मंदिर, कभी इंदिरा मार्केट की छत पर सेल लगाकर व्यापारियों के व्यापार को चौपट किया जाता है। मेले में आने वाले व्यापारी टैक्स भी अदा नहीं करते हैं और सारी सुविधाएं भी लेते हैं। व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान व्यापार मंडल की निष्क्रियता के चलते ही अब व्यापारियों ने खुद अपनी लड़ाई लड़ने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है।
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वर्ष 1996 में हुए थे चुनाव
वर्ष 1996 में व्यापार मंडल का गठन किया गया था। इस दौरान महासचिव पद के लिए वोटिंग हुई थी। जबकि, प्रधान, उपप्रधान और सह सचिव पदों पर आम सहमति से चयन किया गया था। अब 22 साल बाद फिर एक बार सीधे चुनाव की संभावना बढ़ गई है। अब यह चुनाव सीधे होंगे या सर्वसहमति से, इसका फैसला भी जल्द लिया जा सकता है।
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सभी व्यापारियों को एक साथ लेकर चलेंगे : कपूर
व्यापार मंडल मंडी के प्रधान अशोक कपूर ने निष्क्रियता के आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा कि गत 15 दिनों से वह पड्डल से दुकानों को हटाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन को लिखित तौर पर पड्डल से दुकानें हटाने की मांग की गई थी। हर स्तर पर सेल और मेलों को तय समय के बाद चलाने का विरोध व्यापार मंडल ने किया है। व्यापार मंडल के महासचिव राजा महेंद्र ने कहा कि सभी व्यापारियों को साथ लेकर चुनाव किया जाएगा। आगामी दो दिन में मंडल से जुड़ी सभी एसोसिएशन के पदाधिकारियों को सूचित कर चुनाव की तिथि तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर ट्रेड के संगठनों को वर्तमान व्यापार मंडल में पहले से ही जगह दी गई है।
हर ट्रेड के प्रतिनिधियों करेंगे प्रतिनिधित्व : भगवंत
इंदिरा मार्केट एसोसिएशन के प्रधान भगवंत सिंह ने कहा कि मेलों और सेल के नाम पर शहर में व्यापारियों को चपत लग रही है। इससे व्यापारियों में रोष व्याप्त है। वर्ष 1996 में दो वर्ष के लिए चुनाव हुए थे। यदि वर्तमान व्यापार मंडल मिलकर व्यापार मंडल का गठन करना चाहता है तो वह इसका भी स्वागत करेंगे। लेकिन, नए व्यापार मंडल हर ट्रेड की एसोसिएशन के दो प्रतिनिधियों को शामिल कर रहा है। वर्तमान व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी अपने ट्रेड से दो पदाधिकारी चुनें। उन्हें भी व्यापार मंडल में जगह दी जाएगी। आगामी रविवार को चुनाव किए जाएंगे।