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अब नगदी फसलें उगा सकेंगे कटोह व कुठेड़ा के किसान
Updated Fri, 12 Jan 2018 10:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बलद्वाड़ा (मंडी)। बलद्वाड़ा के कटोह और कुठेड़ा गांवों के किसानों के खेतों में अब नकदी फसलें लहलहाएंगी। जहां पहले इन गांवों के किसान अपनी फसलें जिसमें गेहूं, धान और मक्की की खेती करते थे, अब जायका के माध्यम से बनने वाली सिंचाई योजना से उन्हें बारह महीने सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा। इससे अब गांव के किसान नकदी फसल उगाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगे। जायका के तहत कटोह-कुठेड़ा सिंचाई योजना पर बीस लाख रुपये नए सिरे से खर्च होंगे। इससे क्षेत्र के 150 बीघा जमीन पर सिंचाई होगी। इससे गांव के दर्जनों लोगों को लाभ मिलेगा। कटोह-कुठेड़ा कुलह की मरम्मत के बाद चैंबरों का निर्माण किया जाएगा। पाइप लाइन और फुहारों के माध्यम से सिंचाई होगी। तकनीकी विशेषज्ञ कृषि विभाग सरकाघाट रजनीश चौहान ने कहा कि कटोह-कुठेड़ा गांव की सिंचाई योजना पर बीस लाख रुपये खर्च होंगे। इस दौरान किसानों को फसलों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें आधुनिक उपकरण भी दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त गांव में एक पोलीहाउस उपलब्ध करवाया जाएगा। इसमें गांव के सभी किसान अपनी नकदी फसलों की पनीरी यानी पौधे तैयार कर सकेंगे। गांव की किसान कमेटी के प्रधान जय सिंह, वार्ड मेंबर तुलसी राम दमोद और अन्य लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया। लोगों का कहना है कि अब किसान अपनी फसलों के साथ-साथ नकदी फसलें उगाकर भी अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं।
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बलद्वाड़ा (मंडी)। बलद्वाड़ा के कटोह और कुठेड़ा गांवों के किसानों के खेतों में अब नकदी फसलें लहलहाएंगी। जहां पहले इन गांवों के किसान अपनी फसलें जिसमें गेहूं, धान और मक्की की खेती करते थे, अब जायका के माध्यम से बनने वाली सिंचाई योजना से उन्हें बारह महीने सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा। इससे अब गांव के किसान नकदी फसल उगाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगे। जायका के तहत कटोह-कुठेड़ा सिंचाई योजना पर बीस लाख रुपये नए सिरे से खर्च होंगे। इससे क्षेत्र के 150 बीघा जमीन पर सिंचाई होगी। इससे गांव के दर्जनों लोगों को लाभ मिलेगा। कटोह-कुठेड़ा कुलह की मरम्मत के बाद चैंबरों का निर्माण किया जाएगा। पाइप लाइन और फुहारों के माध्यम से सिंचाई होगी। तकनीकी विशेषज्ञ कृषि विभाग सरकाघाट रजनीश चौहान ने कहा कि कटोह-कुठेड़ा गांव की सिंचाई योजना पर बीस लाख रुपये खर्च होंगे। इस दौरान किसानों को फसलों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें आधुनिक उपकरण भी दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त गांव में एक पोलीहाउस उपलब्ध करवाया जाएगा। इसमें गांव के सभी किसान अपनी नकदी फसलों की पनीरी यानी पौधे तैयार कर सकेंगे। गांव की किसान कमेटी के प्रधान जय सिंह, वार्ड मेंबर तुलसी राम दमोद और अन्य लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया। लोगों का कहना है कि अब किसान अपनी फसलों के साथ-साथ नकदी फसलें उगाकर भी अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं।