फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   फूलों के दाम गिरने से किसानों के चेहरे पर निराशा

फूलों के दाम गिरने से किसानों के चेहरे पर निराशा

Fri, 15 Dec 2017 11:01 PM IST
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:01 PM IST
विज्ञापन
फूलों के दाम गिरने से किसानों के चेहरे पर निराशा
बलद्वाड़ा (मंडी)। जिले में जहां बागवानी विभाग इस साल में 1 करोड़ 90 लाख रुपये के फूलों के निर्यात की बात कर रहा है वहीं, समय पर सब्सिडी न मिलने पर बलद्वाड़ा क्षेत्र के हटली में विभाग की अनदेखी के चलते फूलों की खेती बंद होने की कगार पर है। किसानों का कहना है कि हटली के ग्रीन हाउस में फूलों का उत्पादन करने वालों की हालत दिन-प्रतिदिन पतली होती जा रही है। विभाग की ओर से किसानों को पुष्प उत्पादन में बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ग्रीन हाउस और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करने के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गए हैं। उनकी तरफ कोई गौर नहीं किया जा रहा है। विभाग की ओर से समय पर सब्सिडी न देने और मार्केट में फूलों के सही दाम न मिलने के कारण किसानों का कारोबार पूूरी तरह से ठप हो गया है। किसानों के हालात तो ऐसे हो गए हैं कि वह इस कारोबार को छोड़ने की कगार पर आ गए हैं। किसानों में सुनील कुमार, नरेश कुमार, महेंद्र सिंह और जीवानंद के अनुसार पुष्पों के उत्पादन करने में साल तक बीत जाता है लेकिन सही दाम न मिलने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिससे परिवार का खर्च तक चलाना मुश्किल हो गया है। इस क्षेत्र में कॉरनेशन फूल की खेती की जाती है।
विज्ञापन


किसानों की कहानी उनकी जुबानी
नरेश कुमार ने जहां 1800 स्क्वेयर मीटर में ग्रीन हाउस लगाया था, उसे भी बंद कर दिया है। इसके अतिरिक्त सुनील कुमार ने 1 हजार, महेंद्र सिंह ने 1100 और जीवानंद ने 512 स्क्वेयर मीटर के ग्रीन हाउस में कॉरनेशन फूलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले सर्दियों के दिनों में 250 से 300 रुपये फूलों के बंडल का मूल्य होता था परंतु आज के दौर में यह 100 से 120 रुपये के बीच में बिक रहा है।
विज्ञापन


बजट आने पर ही उपलब्ध होगी सब्सिडी : भाटिया
वहीं, उद्यान विभाग सरकाघाट के एसएमएस डीडी भाटिया ने बताया कि ग्रीन हाउस लगाने पर 85 प्रतिशत तथा फूलों के लगाने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। उन्होंने कहा कि जैसे ही बजट आता है, उपरोक्त सभी किसानों को सब्सिडी उपलब्ध करवा दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed