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पंचवक्त्र मंदिर के पास बनेगा पार्क, घाट का भी होगा निर्माण

Sun, 20 Jan 2019 10:46 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jan 2019 10:46 PM IST
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पंचवक्त्र मंदिर के पास बनेगा पार्क, घाट का भी होगा निर्माण
मंडी। छोटी काशी के प्राचीन पंचवक्त्र मंदिर के पास सार्वजनिक पार्क और घाट का निर्माण किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने रविवार को निरीक्षण के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाई जाए ताकि जल्द कार्य शुरू हो सके। रविवार को ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने पंचवक्त्र मंदिर, साथ लगी शिवा बावड़ी का जायजा लिया। वह बंगला मोहल्ले में वीर मंडल संस्था के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि जल्द ही आकर्षक सार्वजनिक पार्क और घाट बनाया जाएगा। मंदिर तक सीधी सड़क का भी निर्माण किया जाएगा ताकि बड़े आयोजनों जैसे शिवरात्रि और अन्य महोत्सव में बाहर से आने वालों लोगों को सुविधा मिले। इससे जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। पंचवक्त्र मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन है। यह प्राचीन शैली में बना हुआ है। इसकी सुरक्षा और महत्व को कायम रखने के लिए जल्द ही इसके आसपास रिटेनिंग वॉल भी लगाई जाएगी। शहरवासियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए यहां पर निर्मित होने वाले पार्क में झूूले, फव्वारे आदि भी लगाए जाएंगे। संस्था के आग्रह पर मंत्री ने पंचवक्त्र मंदिर, साथ लगती जर्जर हो चुकी शिवा बावड़ी और बेहद तंग पुल का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों की समस्याओं को देखते हुए इन सभी स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस मौके पर वीरमंडल के अध्यक्ष चंद्रशेखर वैद्य, महासचिव केके वैद्य, भाजपा जिला अध्यक्ष रणवीर सिंह, एसडीएम मदन कुमार, नप अध्यक्ष सुमन ठाकुर, विभिन्न वार्डों के पार्षद और कई गण्यमान्य लोग भी मौजूद रहे।
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शिवा बावड़ी का है विशेष महत्व
बंगला मोहल्ले में स्थित बावड़ी का शहर के लोगों के लिए बहुत ही महत्व है। इस बावड़ी का पानी 12 माह तक रहता है और बहुत ही स्वच्छ और शीतल माना जाता है। शहर के कई व्यापारी और यहां के निवासी इसी पानी का प्रयोग करते हैं। लोगों का कहना है कि यह पानी किसी मिनरल वाटर से कम नहीं है। लेकिन इस बाबड़ी का जीर्णोद्घार नहीं होने के कारण लोगों में भारी रोष था। इस बावड़ी का निर्माण करीब 80 साल पहले हुआ था और आज तक इसका जीर्णोद्घार नहीं हो पाया है।
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